श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

महाराष्ट्र के विनाअनुदानित (अनएडेड) महाविद्यालयों से जुड़े विभिन्न लंबित मामलों पर सोमवार को मंत्रालय में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा तथा संसदीय कार्य मंत्री चंद्रकांत पाटिल की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में महाराष्ट्र राज्य विनाअनुदानित महाविद्यालय संघ के प्रतिनिधियों ने शैक्षणिक, प्रशासनिक और नीतिगत मुद्दों पर विस्तृत ज्ञापन सौंपा।


बैठक के दौरान महाविद्यालयों की गुणवत्ता में सुधार, संस्थानों को सरकार की ओर से आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराने, सरकारी एवं निजी क्षेत्रों की आवश्यकताओं के अनुरूप कुशल मानव संसाधन तैयार करने, उद्योगों की भागीदारी से पाठ्यक्रम विकसित करने, विद्यार्थियों को शोध आधारित शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने तथा महाविद्यालयों के कर्मचारियों के कार्य और प्रदर्शन के आधार पर वेतन निर्धारण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सकारात्मक चर्चा हुई।


मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि शासन के अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी मुद्दों का विस्तृत अध्ययन कर नियमों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।


बैठक में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव बी. वेणुगोपाल रेड्डी, उच्च शिक्षा संचालक डॉ. शैलेंद्र देवळाणकर, महाराष्ट्र राज्य तकनीकी शिक्षा मंडल के संचालक डॉ. प्रमोद नाईक, उप सचिव अशोक मांडे, प्रताप लुबाल, संतोष खोरगड़े, डॉ. राजनीश कामत सहित महाराष्ट्र राज्य विनाअनुदानित महाविद्यालय संघ के सचिव सचिन सूर्यवंशी तथा अन्य पदाधिकारी और संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।


