मुंबई वार्ता संवाददाता

नीट प्रश्नपत्र लीक और परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं के कारण मोदी सरकार के लापरवाह और विफल प्रशासन ने देश के लाखों छात्रों का भविष्य अंधकारमय कर दिया है। इसी कारण देशभर के छात्र सड़क पर उतरने को मजबूर हुए हैं। छात्रों पर मोदी-शाह की पुलिस द्वारा किए गए अमानवीय लाठीचार्ज तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और कांग्रेस सांसदों के साथ किए गए व्यवहार के विरोध में कांग्रेस ने आज आक्रामक रुख अपनाते हुए भाजपा के खिलाफ जोरदार आंदोलन किया।कांग्रेस ने गांधी भवन से भाजपा कार्यालय तक मार्च का आयोजन किया था।


कांग्रेस का उद्देश्य भाजपा कार्यालय जाकर उन्हें संविधान की प्रति भेंट करना था, लेकिन पुलिस ने कांग्रेस नेताओं और पदाधिकारियों को रीगल सिनेमा के पास हिरासत में ले लिया। इस दौरान “मोदी हटाओ, देश बचाओ”, “जब-जब मोदी डरता है, पुलिस को आगे करता है” जैसे नारे लगाए गए।


महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल के नेतृत्व में निकले इस मार्च में विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार, कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य एवं पूर्व मंत्री नसीम खान, विधायक भाई जगताप, पूर्व सांसद भालचंद्र मुनगेकर, पूर्व सांसद हुसैन दलवाई, वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता तुषार गांधी, प्रदेश महासचिव राजन भोसले, प्रकाश सोनवणे, अभिजीत सपकाल, अमित कारंडे, रानी अग्रवाल, जीशान अहमद, ब्रिज दत्त, आनंद सिंह सहित सैकड़ों पदाधिकारी उपस्थित थे।
आंदोलन से पहले गांधी भवन में आयोजित पत्रकार परिषद को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि पिछले 12 वर्षों से देश में लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों को ताक पर रख दिया गया है। हर वर्ष दो करोड़ रोजगार देने का सपना दिखाकर नरेंद्र मोदी ने देश के युवाओं के साथ बड़ा विश्वासघात किया है। रोजगार तो दूर, आज परीक्षाएं भी पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से आयोजित नहीं हो रही हैं।राहुल गांधी ने संसद में परीक्षा प्रणाली में सुधार तथा पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग की थी, लेकिन मोदी सरकार ने उसे भी नजरअंदाज कर दिया। नीट का पेपर केवल इस वर्ष ही नहीं, बल्कि अब तक 71 बार लीक हो चुका है। छात्रों को न्याय दिलाने के लिए कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी ने “छात्रों की गूंज” अभियान शुरू किया है। दिल्ली में हजारों छात्र एकत्र होकर मोदी सरकार के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त कर रहे हैं, लेकिन मोदी-शाह की पुलिस ने उन पर बेहद क्रूर और अमानवीय लाठीचार्ज किया। छोटे बच्चों और छात्राओं तक के साथ अत्याचार किया गया।विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर छात्रों की मांगों को लेकर शांतिपूर्ण धरना दिया, लेकिन तानाशाही मानसिकता वाली सरकार ने छात्रों और विपक्ष की आवाज सुनने के बजाय राहुल गांधी के साथ अत्यंत अपमानजनक व्यवहार किया और उन्हें जबरन उठाकर ले गई। राहुल गांधी सहित कांग्रेस के सांसदों, नेताओं और पदाधिकारियों को लगभग तीन घंटे तक हिरासत में रखा गया। मोदी सरकार की यह कार्रवाई तानाशाही को भी शर्मसार करने वाली है।
हर्षवर्धन सपकाल ने आगे कहा कि छात्रों के साथ किए गए व्यवहार और दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को देश से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं पर संसद में तुरंत चर्चा कराई जाए तथा आंदोलन के दौरान छात्रों पर दर्ज सभी एफआईआर (FIR) और मुकदमे तत्काल वापस लिए जाएं। यही कांग्रेस पार्टी की स्पष्ट मांग है।
उन्होंने कहा कि यह संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। महाविकास आघाड़ी (एमवीए) के नेताओं से चर्चा कर आगे की रणनीति तय की जाएगी। वंचित बहुजन आघाड़ी द्वारा घोषित महाराष्ट्र बंद के संबंध में उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस बंद का समर्थन करती है। वहीं, शरद पवार द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से की गई मुलाकात पर उन्होंने कहा कि इस विषय पर टिप्पणी करना शरद पवार और उनकी पार्टी के नेताओं का अधिकार है।


