मुंबई वार्ता संवाददाता

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट-यूजी सहित विभिन्न शिक्षा संबंधी मुद्दों को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और अव्यवस्था पर चिंता व्यक्त की है। परिषद ने कहा कि छात्रों के न्यायोचित मुद्दों का समाधान केवल सार्थक संवाद, पारदर्शिता और संस्थागत सुधारों के माध्यम से ही संभव है, न कि हिंसक टकराव से।ABVP ने कहा कि वह शुरू से ही नीट-यूजी और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों के साथ खड़ी रही है।


परिषद ने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए निष्पक्ष जांच, जवाबदेही तय करने तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। संगठन ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन कर इस मुद्दे को लगातार उठाया है।


परिषद ने केंद्र सरकार से मांग की है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता, पारदर्शिता और आवश्यक संस्थागत सुधारों की व्यापक समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जाए। यह समिति परीक्षा प्रणाली को अधिक विश्वसनीय, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए ठोस सुझाव प्रस्तुत करे।ABVP ने आरोप लगाया कि कुछ असामाजिक और राष्ट्रविरोधी तत्व छात्रों के आंदोलनों का उपयोग अपने राजनीतिक हितों के लिए कर रहे हैं।


परिषद का कहना है कि छात्रों की वास्तविक समस्याओं को राजनीतिक एजेंडे या सामाजिक अशांति फैलाने का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए।परिषद ने कहा कि भारत का छात्र समुदाय जागरूक, राष्ट्रनिष्ठ और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध है तथा वह किसी भी राष्ट्रविरोधी या विभाजनकारी प्रयास का हिस्सा नहीं बनेगा।
ABVP ने छात्रों, युवाओं, अभिभावकों, शिक्षकों और समाज के सभी वर्गों से अपील की कि वे छात्रों के न्यायोचित मुद्दों के समाधान के लिए शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और सकारात्मक वातावरण बनाए रखने में सहयोग करें।
ABVP के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेन्द्र सिंह सोलंकी ने कहा कि नीट-यूजी सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं ने लाखों छात्रों की चिंताएं बढ़ाई हैं। उन्होंने कहा कि परिषद छात्रों के हितों के लिए लगातार संघर्ष करती रहेगी और परीक्षा प्रणाली में आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार से उच्च स्तरीय समिति के गठन की मांग दोहराती है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने पिछले एक दशक में शिक्षा और विद्यार्थियों के हितों से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर देशभर में आंदोलन, ज्ञापन, संवाद और जनजागरण अभियान चलाए हैं। चाहे विषय छात्रवृत्ति का हो, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता का, फीस वृद्धि का, छात्रावास सुविधाओं का, शोध एवं उच्च शिक्षा का, मेडिकल शिक्षा का, CUET, NEET, NTA या अन्य प्रवेश परीक्षाओं में सुधार का—अभाविप हमेशा विद्यार्थियों के हित में सबसे आगे खड़ी रही है।
अभाविप का प्रत्येक आंदोलन किसी दल, सरकार या व्यक्ति के समर्थन अथवा विरोध के लिए नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के अधिकार, शिक्षा की गुणवत्ता और राष्ट्रहित के लिए रहा है। हमारा मानना है कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार लोकतांत्रिक और सकारात्मक संवाद के माध्यम से होना चाहिए।आज कुछ संगठन और राजनीतिक शक्तियाँ विद्यार्थियों की वास्तविक समस्याओं को पीछे छोड़कर उन्हें राजनीतिक संघर्ष का माध्यम बनाने का प्रयास कर रही हैं। ऐसे प्रयासों का उद्देश्य शिक्षा सुधार नहीं, बल्कि अराजकता, टकराव और राजनीतिक लाभ प्राप्त करना है।
अभाविप इस प्रकार की राजनीति का समर्थन नहीं करती।इसका अर्थ यह नहीं है कि अभाविप किसी विषय पर मौन है। जब भी किसी मुद्दे पर तथ्य स्पष्ट होते हैं और विद्यार्थियों के हित प्रभावित होते हैं, तब अभाविप पूरी मजबूती से अपनी बात रखती है और आवश्यक आंदोलन भी करती है। हमारा निर्णय किसी राजनीतिक दबाव, प्रचार या भीड़ के प्रभाव से नहीं, बल्कि तथ्यों, विद्यार्थियों के हित और राष्ट्रहित के आधार पर होता है।देश के सबसे बड़े विद्यार्थी संगठन के रूप में अभाविप की प्राथमिकता स्पष्ट है—विद्यार्थी पहले, शिक्षा सर्वोपरि और राष्ट्र सर्वोच्च। हम किसी भी सरकार का अंध समर्थन या अंध विरोध नहीं करते। जहाँ विद्यार्थियों का हित होगा, वहाँ अभाविप सबसे आगे खड़ी होगी; और जहाँ देशविरोधी, हिंसात्मक या अराजक गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को गुमराह करने का प्रयास होगा, वहाँ अभाविप उसका स्पष्ट और लोकतांत्रिक विरोध करेगी।
■ पिछले 10 वर्षों में अभाविप द्वारा शिक्षा से जुड़े प्रमुख आंदोलन एवं अभियान:
• 2016 – केरल में मेडिकल कॉलेज फीस वृद्धि के विरुद्ध आंदोलन।
• 2016 – केंद्रीय विश्वविद्यालयों में छात्रावास सुविधाओं की मांग।
• 2016 – विश्वविद्यालयों में रिक्त शिक्षकों के पद भरने की मांग।
• 2017 – पारदर्शी विश्वविद्यालय प्रवेश प्रक्रिया के लिए अभियान।
• 2017 – छात्रवृत्ति वितरण में देरी के विरुद्ध आंदोलन।
• 2017 – सरकारी महाविद्यालयों के आधारभूत ढांचे में सुधार की मांग।
• 2017 – परिसर में छात्राओं की सुरक्षा को लेकर अभियान।
• 2018 – शिक्षा के व्यवसायीकरण के विरुद्ध आंदोलन।
• 2018 – मेडिकल सीटों में वृद्धि की मांग।
• 2018 – विश्वविद्यालयों में फीस वृद्धि के विरुद्ध आंदोलन।
• 2018 – छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग।
• 2018 – पुस्तकालय एवं डिजिटल सुविधाओं के विस्तार की मांग।
• 2019 – परीक्षा अनियमितताओं के विरुद्ध आंदोलन।
• 2019 – शोधार्थियों की छात्रवृत्ति बढ़ाने की मांग।
• 2019 – शिक्षकों के रिक्त पदों पर नियुक्ति की मांग।
• 2019 – सुलभ एवं किफायती उच्च शिक्षा के लिए अभियान।
• 2020 – कोविड काल में विद्यार्थियों के हितों के लिए आंदोलन।
• 2020 – ऑनलाइन शिक्षा की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग।
• 2020 – महामारी के दौरान फीस में राहत की मांग।
• 2020 – शिक्षा मंत्री को विद्यार्थियों के मुद्दों पर राष्ट्रीय ज्ञापन।
• 2021 – शिक्षण संस्थानों को सुरक्षित रूप से खोलने की मांग।
• 2021 – विद्यार्थियों के टीकाकरण अभियान की मांग।
• 2021 – छात्रवृत्ति एवं फेलोशिप समय पर जारी करने की मांग।
• 2021 – डिजिटल डिवाइड समाप्त करने के लिए अभियान।
• 2022 – CUET परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग।
• 2022 – कॉमन काउंसलिंग व्यवस्था लागू करने की मांग।
• 2022 – NTA परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग।
• 2022 – अधिक सरकारी परीक्षा केंद्र स्थापित करने की मांग।
• 2023 – CUET केंद्रीकृत काउंसलिंग के लिए ज्ञापन।
• 2023 – अनेक प्रवेश शुल्क के विरुद्ध आंदोलन।
• 2023 – विश्वविद्यालयों में छात्रावास विस्तार की मांग।
• 2023 – समयबद्ध शैक्षणिक कैलेंडर लागू करने की मांग।
• 2024 – NEET पेपर लीक के विरुद्ध राष्ट्रव्यापी आंदोलन।
• 2024 – NTA सुधार अभियान।
• 2024 – सख्त एंटी पेपर लीक कानून की मांग।
• 2024 – निष्पक्ष प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए आंदोलन।
• 2024 – अनुचित फीस वृद्धि के विरुद्ध राष्ट्रीय अभियान।
• 2025 – फीस रेगुलेशन कानून की मांग।
• 2025 – शिक्षा पर GDP का 6% व्यय सुनिश्चित करने की मांग।
• 2025 – सभी के लिए सस्ती एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का प्रस्ताव।
• 2025 – विश्वविद्यालयों के आधारभूत ढांचे में सुधार की मांग।
• 2025 – परिसर सुरक्षा एवं एंटी-रैगिंग व्यवस्था मजबूत करने की मांग।
• 2026 – NEET-2026 अनियमितताओं एवं NTA जवाबदेही को लेकर आंदोलन।
• 2026 – INSPIRE SHE छात्रवृत्ति में देरी के विरुद्ध आंदोलन।
• 2026 – तेलंगाना में छात्रवृत्ति एवं फीस प्रतिपूर्ति को लेकर आंदोलन।
• 2026 – निजी विद्यालयों की मनमानी फीस के विरुद्ध अभियान।
• 2026 – हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय फीस वृद्धि के विरुद्ध आंदोलन।
• 2026 – समयबद्ध विश्वविद्यालय प्रवेश प्रक्रिया की मांग।
• 2026 – पारदर्शी भर्ती एवं प्रवेश परीक्षा प्रणाली की मांग।
• 2026 – सभी के लिए सुलभ, गुणवत्तापूर्ण एवं किफायती शिक्षा हेतु राष्ट्रव्यापी अभियान।


