मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई के महापौर (मेयर) के सरकारी बंगले के सौंदर्यीकरण और बाहरी विकास कार्यों के लिए जारी किया गया विवादित टेंडर आखिरकार बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने वापस ले लिया है। बीएमसी प्रशासन ने टेंडर रद्द करने के पीछे “प्रशासनिक कारण” बताए हैं। यह फैसला उस समय लिया गया है जब करोड़ों रुपये के प्रस्तावित खर्च को लेकर राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने तीखी आपत्ति जताई थी।


मेयर बंगले के लिए पहले से ही मरम्मत और नवीनीकरण पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा चुके थे। इसके बाद बंगले के बाहरी परिसर में नॉइज़ बैरियर, वर्षा जल निकासी, इंटरलॉकिंग पेवर्स, भूमिगत सुविधाएं और पानी की टंकियों जैसे कार्यों के लिए करीब 2.89 करोड़ रुपये का नया टेंडर जारी किया गया था। इस प्रस्ताव के सामने आने के बाद विपक्ष ने इसे जनता के पैसों की फिजूलखर्ची बताते हुए सरकार और बीएमसी को निशाने पर लिया।
विवाद बढ़ने पर बीएमसी ने पहले स्पष्ट किया था कि यह टेंडर सीधे महापौर के निवास के अंदर के कामों के लिए नहीं, बल्कि वीरमाता जिजाबाई भोसले उद्यान और प्राणी संग्रहालय परिसर के विकास से जुड़ा था। साथ ही यह भी कहा गया कि महापौर का इस टेंडर से कोई संबंध नहीं है और न ही उन्होंने इस प्रकार के कार्यों की मांग की थी।
अब बीएमसी ने आधिकारिक तौर पर यह टेंडर रद्द कर दिया है। हालांकि प्रशासन ने केवल “प्रशासनिक कारण” का हवाला दिया है और विस्तृत कारण सार्वजनिक नहीं किए हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि लगातार उठ रहे विवाद और आलोचना के चलते यह फैसला लिया गया है।


