श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

हथियार दिखाकर जान से मारने की धमकी देकर ₹2.25 लाख की रंगदारी वसूलने के मामले में मुंबई पुलिस ने गैंगस्टर जुल्फिकार बेहलीम और उसके गिरोह के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत मामला दर्ज किया है।


बांद्रा पुलिस स्टेशन में दर्ज अपराध क्रमांक 92/2026 के अनुसार, भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं और शस्त्र अधिनियम के तहत जुल्फिकार बेहलीम, उसके भाई मोहसिन बेहलीम तथा उनके 10 अन्य साथियों सहित कुल 12 आरोपियों के खिलाफ पहले ही मामला दर्ज किया गया था।
मामले की जांच मुंबई अपराध शाखा की यूनिट-9 द्वारा की जा रही है। जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी संगठित अपराध सिंडिकेट का हिस्सा हैं और एक आपराधिक गिरोह के रूप में काम कर रहे थे।
पुलिस जांच के अनुसार, गिरोह का सरगना जुल्फिकार बेहलीम स्थानीय व्यापारियों और ठेकेदारों में भय का माहौल बनाकर उनसे कथित तौर पर “प्रोटेक्शन मनी” के नाम पर रंगदारी वसूलता था। गिरोह का उद्देश्य धमकी और दहशत फैलाकर आर्थिक लाभ अर्जित करना था।
जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि संबंधित गिरोह ने इलाके में अपना दबदबा कायम करने के लिए संगठित तरीके से अपराधों को अंजाम दिया और ठेकेदारों से प्रत्येक ठेके के बदले अवैध वसूली की।
इन तथ्यों के आधार पर 4 अगस्त 2026 को मुंबई पुलिस के संयुक्त पुलिस आयुक्त अनिल कुंभारे (अपराध) की पूर्व स्वीकृति के बाद इस मामले में महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका), 1999 की संबंधित धाराएं भी जोड़ दी गई हैं।
क्राइम ब्रांच 9 के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सचिन पुराणिक का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और गिरोह की अन्य आपराधिक गतिविधियों की भी पड़ताल की जा रही है।


