■ नगरसेवक डॉ. नितेश राजहंस सिंह ने मनपा प्रशासन से मांगी अतिरिक्त बेड, डॉक्टर, दवाइयों और 24 घंटे एम्बुलेंस की सुविधा।
मुंबई वार्ता संवाददाता

सांताक्रूज पूर्व स्थित वी. एन. देसाई महानगरपालिका अस्पताल में मरम्मत, संरचनात्मक सुरक्षा, नवीनीकरण और अन्य आवश्यक कार्यों के दौरान मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए वैकल्पिक स्वास्थ्य व्यवस्था तत्काल उपलब्ध कराने की मांग नगरसेवक डॉ. नितेश राजहंस सिंह ने मनपा प्रशासन से की है।


इस संबंध में डॉ. सिंह ने अतिरिक्त मनपा आयुक्त (शहर) प्राजक्ता लवंगारे को पत्र देकर अस्पताल को अस्थायी रूप से बंद करने अथवा किसी विभाग को स्थानांतरित करने की स्थिति में उसकी आधिकारिक जानकारी, कारण और संभावित अवधि स्पष्ट करने की मांग की है।


वी. एन. देसाई अस्पताल सांताक्रुज पूर्व और आसपास के क्षेत्रों के सामान्य नागरिकों, गरीब तथा जरूरतमंद मरीजों के लिए महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्र है। यहां बड़ी संख्या में मरीज बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी), भर्ती मरीज विभाग (आईपीडी), आपातकालीन सेवा, प्रसूति, शल्य चिकित्सा, जांच और उपचार जैसी सुविधाओं का लाभ लेते हैं। ऐसे में मरम्मत कार्य के कारण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने पर मरीजों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
■ वैकल्पिक अस्पतालों में अतिरिक्त बेड और चिकित्सा स्टाफ की मांग
डॉ. सिंह ने मांग की है कि अस्पताल अथवा उसके किसी विभाग को बंद या स्थानांतरित करने से पहले ओपीडी, आईपीडी, आपातकालीन सेवा, आईसीयू, प्रसूति, शल्य चिकित्सा, बाल रोग और जांच सेवाओं के लिए वैकल्पिक महानगरपालिका अस्पतालों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
वी. एन. देसाई अस्पताल में वर्तमान में उपचार करा रहे मरीजों की संख्या को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक अस्पतालों पर आने वाले अतिरिक्त मरीजों का भी पूर्व नियोजन किया जाए। इसके अनुसार अतिरिक्त बेड, डॉक्टर, नर्स, दवाइयां और आवश्यक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
■ आपातकालीन मरीजों के लिए 24 घंटे रेफरल और एम्बुलेंस सुविधा
डॉ. सिंह ने आपातकालीन मरीजों के लिए 24 घंटे रेफरल और एम्बुलेंस व्यवस्था उपलब्ध कराने की भी मांग की है, ताकि गंभीर मरीजों को बिना देरी के उपयुक्त अस्पताल में भर्ती कराया जा सके।
उन्होंने यह भी कहा कि वैकल्पिक व्यवस्था के कारण मरीजों पर इलाज का अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ना चाहिए। इसके लिए महानगरपालिका और सरकारी योजनाओं के माध्यम से निशुल्क अथवा रियायती दरों पर उपचार की व्यवस्था की जानी चाहिए।
■ मौजूदा मरीजों के फॉलो-अप उपचार में बाधा न आए
वी. एन. देसाई अस्पताल में पहले से उपचार करा रहे मरीजों के फॉलो-अप, दवाइयों, जांच और आगे के उपचार में किसी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए संबंधित वैकल्पिक अस्पतालों में रेफरल और स्थानांतरण की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
इसके अलावा मरम्मत कार्य के लिए निश्चित समय-सीमा घोषित करने और कार्य की नियमित समीक्षा करने की मांग भी की गई है। मरम्मत पूरी होने के बाद अस्पताल को पूर्ण क्षमता से दोबारा शुरू करने से पहले आवश्यक संरचनात्मक स्थिरता प्रमाणपत्र और अन्य सुरक्षा प्रमाणपत्र प्राप्त किए जाएं, ऐसा भी डॉ. सिंह ने कहा है।
वैकल्पिक व्यवस्था की जानकारी तीन भाषाओं में सार्वजनिक करने की मांग
डॉ. सिंह ने मांग की है कि अस्पताल बंद करने अथवा किसी विभाग को स्थानांतरित करने से पहले वैकल्पिक अस्पतालों के नाम, पते, उपलब्ध सेवाएं, संपर्क नंबर और एम्बुलेंस सुविधा की जानकारी नागरिकों तक हिंदी, मराठी और अंग्रेजी में व्यापक रूप से पहुंचाई जाए।
डॉ. नितेश राजहंस सिंह ने कहा कि महानगरपालिका की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था गरीब और जरूरतमंद नागरिकों के लिए जीवनावश्यक सेवा है। मरम्मत कार्य के दौरान किसी भी मरीज को उपचार के अभाव या समय पर वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध न होने के कारण परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसलिए वी. एन. देसाई अस्पताल में मरम्मत शुरू करने से पहले ठोस और सक्षम वैकल्पिक स्वास्थ्य व्यवस्था तैयार करना तथा उसकी जानकारी नागरिकों को देना आवश्यक है।
उन्होंने मनपा प्रशासन से इस संबंध में अब तक की गई कार्रवाई और प्रस्तावित वैकल्पिक स्वास्थ्य व्यवस्था का विस्तृत विवरण लिखित रूप में उपलब्ध कराने की भी मांग की है।


