● सकते में हैं मुंबई के ड्रग्स माफिया.
श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो में काम करते हुए मुंबई के ड्रग्स माफियाओं के दांत ख़ट्टे करने वाले IRS अधिकारी समीर वानखेड़े की एक बार फिर मुंबई में वापसी हो सकती है.
केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT) ने समीर वानखेड़े के ट्रांसफर आदेश को रद्द कर दिया है. वानखेड़े को मुंबई से चेन्नई ट्रांसफर किया गया था, जिसे उन्होंने पक्षपातपूर्ण बताते हुए चुनौती दी थी.
समीर वानखेड़े नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) में सेवा के दौरान शाहरुख के बेटे आर्यन खान की ड्रग्स मामले में गिरफ्तारी के लिए चर्चा में आए थे. वानखेड़े ने अक्टूबर 2021 में एक क्रूज शिप पर छापेमारी के दौरान आर्यन खान को गिरफ्तार किया था. इस मामले में उन्होंने देश भर में खूब चर्चा बटोरी थी, लेकिन बाद में उन पर कई आरोप लगे, जिसमें कथित तौर पर नियमों का उल्लंघन और पक्षपात शामिल था. इसके परिणामस्वरूप, मई 2022 में उनको मुंबई स्थित डायरेक्टरेट जनरल ऑफ एनालिटिकल रिस्क मैनेजमेंट (DGARM) से चेन्नई स्थित डायरेक्टरेट जनरल ऑफ टैक्सपेयर्स सर्विसेज (DGTS) में ट्रांसफर कर दिया था. इस ट्रांसफर को वानखेड़े ने केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण में चुनौती दी थी.
वानखेड़े ने अपनी याचिका में दावा किया था कि एनसीबी में उनकी सेवा के दौरान कुछ राजनीतिक हस्तियों के खिलाफ की गई कार्रवाई के कारण उन्हें निशाना बनाया गया और उनका ट्रांसफर उसी का परिणाम था. उन्होंने कहा कि एनसीबी द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) ने उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका नहीं दिया था, जिसे उच्च न्यायालयों ने भी स्वीकार किया था. सरकार ने अपने बचाव में तर्क दिया कि 2008 बैच के IRS अधिकारी वानखेड़े ने अपनी पूरी सेवा के दौरान केवल मुंबई में ही काम किया है और उनके खिलाफ कुछ आरोप भी लगे हैं. हालांकि, CAT की पीठ ने पाया कि वानखेड़े को उनकी सेवाओं के दौरान अन्य एजेंसियों में भी भेजा गया था और उनका सेवा रिकॉर्ड अच्छा रहा है. इस पीठ में खुद CAT अध्यक्ष रंजीत मोरे और सदस्य राजिंदर कश्यप शामिल थे।
पीठ ने यह कहते हुए ट्रांसफर आदेश को खारिज कर दिया कि वित्त मंत्रालय और केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) वानखेड़े के खिलाफ पूर्वाग्रह से ग्रसित थे. इसके साथ ही, अधिकरण ने आदेश दिया कि वानखेड़े को वापस उनके मुंबई स्थित DGARM कार्यालय में बहाल किया जाए. सीएटी के इस फैसले के बाद अब वानखेड़े मुंबई में डायरेक्टरेट जनरल ऑफ एनालिटिकल रिस्क मैनेजमेंट (डीजीएआरएम) में अपनी पिछली पोस्ट पर वापस लौटेंगे. इस निर्णय को उनके लिए बड़ी राहत माना जा रहा है, खासकर तब जब उनके खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच चल रही है .


