मुंबई वार्ता/श्रीश उपाध्याय

साइबर ठगी के जरिए हासिल रकम से मोबाइल फोन खरीदने वाले गिरोह के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने गुजरात के अहमदाबाद से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से विभिन्न कंपनियों के कुल 25 मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं, जिनकी कुल कीमत 19 लाख 66 हजार 075 रुपये बताई गई है।


पुलिस के अनुसार, इस मामले में लो. टि. मार्ग पुलिस थाने में अपराध क्रमांक 1254/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 319(2) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 की धारा 66(क), 66(ड) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया था।


मामले में शिकायतकर्ता को एक अज्ञात मोबाइल नंबर से फोन किया गया। फोन करने वाले ने खुद को आरबीआई क्रेडिट कार्ड से संबंधित अधिकारी बताते हुए शिकायतकर्ता को विश्वास में लिया। आरोपी ने शिकायतकर्ता के आरबीआई क्रेडिट कार्ड पर चालू एमओ (मेल ऑर्डर) सेवा बंद करने के लिए उसके व्हाट्सऐप नंबर पर एक लिंक भेजा। आरोपी ने शिकायतकर्ता को लिंक खोलने के लिए कहा।
शिकायतकर्ता द्वारा लिंक खोलने के बाद उसकी अनुमति के बिना उसके क्रेडिट कार्ड से तीन अलग-अलग लेनदेन के माध्यम से कुल 4 लाख 48 हजार 721 रुपये की रकम खर्च कर मोबाइल फोन खरीदे गए। इसके बाद पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
तकनीकी जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मामले में शामिल आरोपियों का पता लगाया। जांच के दौरान दोनों आरोपियों को अहमदाबाद, गुजरात से गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अनिसबेग समीरबेग मिर्झा (23) और मोईन रहिम शेख (34) के रूप में हुई है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से Apple कंपनी के दो मोबाइल फोन, जबकि इस मामले से संबंधित अन्य 23 मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। जब्त मोबाइल फोन में Apple, Samsung, Google, Vivo सहित अन्य कंपनियों के फोन शामिल हैं। इस प्रकार कुल 25 मोबाइल फोन पुलिस के हाथ लगे हैं, जिनकी अनुमानित कीमत 19,66,075 रुपये है।
यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त देवेन भारती, पुलिस सह आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) मनोजकुमार शर्मा, अपर पुलिस आयुक्त (दक्षिण प्रादेशिक विभाग) शैलेश बलकवडे, पुलिस उपायुक्त (दक्षिण प्रादेशिक विभाग-2) रागसुधा आर., तथा सहायक पुलिस आयुक्त (पायधुनी विभाग) रेणुका बुवा के मार्गदर्शन में की गई।
वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक विजय दंडवते और पुलिस निरीक्षक संजय देशमुख के नेतृत्व में साइबर अपराध प्रकटीकरण पथक के पुलिस उपनिरीक्षक दिग्विजय मेटकरी, सतीश बडे और अमोल गोगावले तथा पुलिसकर्मियों अविनाश पाटील, संतोष कचरे, निलेश झगडे, अमोल जगदाळे, अपराध प्रकटीकरण पथक के पुलिस हवलदार प्रफुल्ल पाटील, सागर विचारे और पुलिस शिपाई जणदेव ने कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


