रवीन्द्र मिश्रा। मुंबई वार्ता

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ” हर आंगन एक फलदार पेड़” का विशेष अभियान सामाजिक संस्था मिआम चैरिटेबल ट्रस्ट ने शुरू किया है ।
संस्था ने इसकी शुरुआत महाराष्ट्र के गढ़चिरौली की अहेरी तहसील के वडलापेठ गांव से शुरू किया है । संस्था का मानना है कि इस अभियान से हरियाली तो बढ़ेगी ही बल्कि प्रकृति के साथ वन्यजीवों में सामंजस्य स्थापित होगा । इन वृक्षों से बच्चो, गर्भवती महिलाओं पक्षियों तथा वन्य जीवों को भोजन तथा छाया उपलब्ध होगी ।


मिआम ट्रस्ट की यह पहल पारंपरिक पौधारोपण अभियान से हट कर है । संस्था का कहना है कि हम केवल पेड़ ही नहीं लगा रहे बल्कि 4 से 5 साल पुराने फलदार वृक्षों को रोपित कर इन्हें 7=8 वर्षों तक उसकी देखभाल की जिम्मेदारी भी ले रहे हैं । मुंबई जैसे शहरी क्षेत्रों में में यह कार्य (BMC) यानी बृहन्मुंबई महानगर पालिका के सहयोग से किया जा रहा है । जंगलों में फलदार वृक्ष लगाने से यह फायदा होगा कि जंगली जानवर भोजन की तलाश में बस्तियों की तरह नहीं आ सकेंगे । प्रकृति और प्रगति के बीच संतुलन बनाने वाला यह अभियान मानवता का सही पथ है ।
इस अभियान से पर्यावरण संरक्षण के साथ साथ जलवायु संतुलन तथा जैव विविधता को बढ़ावा मिलेगा । मिआम चैरिटेबल ट्रस्ट ने स्वयं सेवी संस्थाओं, नागरिकों तथा स्कूलों के प्रबंधन तथा स्थानीय प्रशासन से अपील कर कहा है कि वे आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को ध्यान में रखकर इस अभियान में शरीक होकर ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाएं तथा पर्यावरण को सुरक्षित रखने में मदद करें।


