मुंबई वार्ता/सतीश सोनी

आखिरकार, अकोला जिले के २४८ किसानों को राहत मिल गई है। बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ ने राज्य सरकार को सख्त आदेश दिया है कि वह २०१७ में छत्रपति शिवाजी महाराज शेतकरी सम्मान योजना से वंचित रहे इन किसानों का कर्ज तीन महीने के भीतर माफ करे।


गौरतलब है कि सरकार ने २०१७ में अकोला में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम में इन सभी किसानों को कर्जमाफी प्रमाण पत्र दिए थे। यह कार्यक्रम तत्कालीन पालक मंत्री डॉ. रणजीत पाटिल की मौजूदगी में हुआ था। ये किसान अकोला जिले के तेल्हारा तालुका के अडगांव बुज़रुक के रहने वाले हैं।हालांकि, इसके बाद भी, इन किसानों को 2017 से कर्जमाफी नहीं मिली थी। सरकार लगातार पोर्टल की समस्याओं और तकनीकी दिक्कतों जैसे कारण बता रही थी। हालांकि, कोर्ट ने इन कारणों को खारिज करते हुए सरकार को कड़ी फटकार लगाई है।


अदालत ने २२ दिसंबर तक आदेश का पालन न करने पर ज़िम्मेदार अधिकारियों के ख़िलाफ़ अवमानना की कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। इसलिए, सरकार को तीन महीने के भीतर इन २४८ किसानों का कर्ज़ माफ़ करना होगा। हालाँकि, उच्च न्यायालय के इस फ़ैसले के बाद किसान संतुष्टि व्यक्त कर रहे हैं।


