मुंबई वार्ता/श्रीश उपाध्याय

राष्ट्रवादी कॉंग्रेस पार्टी के मुख्य प्रवक्ता आनंद परांजपे ने शुक्रवार को मुंबई, मरीनलाइन स्थित इस्लामिक जिमखाना में इफ्तार पार्टी का आयोजन किया था. पूरी पार्टी अस्त-व्यस्त नजर आई और पार्टी में सम्मिलित होने आए लोग इस अव्यवस्था से त्रस्त दिखे ।
दरअसल रमजान के महीने में अक्सर मुस्लिम वोट बैंक को ध्यान मे रखते हुए राजनीतिक पार्टियां इफ्तार पार्टियों का आयोजन करती हैं। इन पार्टियों के माध्यम से हर कोई अपना वर्चस्व दिखाने की कोशिश करता है. ऐसा ही कुछ हुआ शुक्रवार को राष्ट्रवादी कॉंग्रेस पार्टी की इफ्तार पार्टी में.
मुस्लिम मतदाताओं पर अपनी पकड़ साबित करने के लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी प्रवक्ता आनंद परांजपे ने इफ्तार पार्टी का आयोजन कर हज़ारों की संख्या में लोगों को आमंत्रित कर दिया. लेकिन आमंत्रित करने और भीड़ इकठ्ठा करने के चक्कर मे उन्होने कार्यक्रम की रूपरेखा पर ध्यान ही नहीं दिया।
इफ्तार पार्टी में आए सैकड़ों लोगों को इफ्तारी के लिए खाने को कुछ मिला ही नहीं। भीड़ इतनी ज्यादा हो गई कि रात 8 बजे के बाद आने वालों को भूखे पेट ही घर वापस लौटना पड़ा। पत्रकारों को आमंत्रित करने वाले उनके पी आर ओ भी कार्यक्रम से बिना खाए ही घर लौट गए।
कार्यक्रम से इफ्तारी किए बगैर भूखे पेट घर लौट रहे लोग राष्ट्रवादी कॉंग्रेस पार्टी को कोसते नजर आए। लोगों का कहना था कि अगर खिलाने की व्यवस्था नहीं कर सकते थे तो इतनी बड़ी संख्या में बुलाना ही नहीं चाहिए था। कार्यक्रम के नाम पर रायता नहीं फैलाना चाहिए।


