■ अमेरिका के एलडीएस चर्च मंडल से अंतर्धार्मिक सद्भाव पर चर्चा
वरिष्ठ संवाददाता/ मुंबई वार्ता

बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्थान (बीएपीएस) ने सामाजिक समरसता का संदेश देते हुए अमेरिका के साल्ट लेक सिटी स्थित प्राचीन और ऐतिहासिक एलडीएस चर्च के प्रथम अध्यक्ष मंडल के साथ अंतर्धार्मिक सद्भाव पर विशेष चर्चा की।


वर्तमान में वैश्विक तनाव को देखते हुए बीएपीएस की इस पहल का हर जगह स्वागत किया जा रहा है। वैश्विक तनाव के बीच धार्मिक स्थलों और धर्मगुरुओं की भूमिका को सार्थक साबित करते हुए स्वामीनारायण संस्थान के पूज्य ब्रह्मविहारी दास स्वामी की ऐतिहासिक भेंट भविष्य के लिए मील का पत्थर हो सकती है।


स्वामीनारायण मंदिर दादर पूर्व के तीर्थस्वरूप स्वामी महाराज ने बताया कि विश्व शांति और अंतरधार्मिक सद्भाव के लिए बीएपीएस स्वामीनारायण संस्था के वरिष्ठ संत पूज्य ब्रह्मविहारिदास स्वामी, अन्य संतों और संस्थान के स्वयंसेवकों ने एलडीएस चर्च के वैश्विक मुख्यालय में शिष्टाचार भेंट की। एलडीएस चर्च को प्रायः ‘मॉर्मन चर्च’ कहा जाता है, जो एक वैश्विक ईसाई संस्था है जिसके 17 मिलियन से अधिक अनुयायी और 160 से अधिक देशों में 30,000 से अधिक सभाएं हैं। यह भेंट दो विश्वस्तरीय आध्यात्मिक संस्थाओं के बीच अंतरधार्मिक संवाद में एक ऐतिहासिक कदम थी।
पूज्य स्वामी ने चर्च के प्रमुख सेवा एवं सांस्कृतिक केंद्रों का निरीक्षण किया। पूज्य स्वामी ने प्रेसिडेंट डैलिन एच. ओक्स और प्रेसिडेंट हेनरी बी. आइरिंग से विशेष चर्चा की। इस अवसर पर चर्च के वरिष्ठ नेता एल्डर डेविड ए. बेडनर, एल्डर पैट्रिक कीयरन, एल्डर एंथनी डी. पर्किंस और एल्डर मैथ्यू एस. हॉलैंड भी उपस्थित रहे।सेवा, शांति और मानवीय सहयोग पर चर्चा मुलाकात के दौरान वैश्विक सेवा, शांति और मानवीय सहयोग पर चर्चा हुई।
दोनों पक्षों का यह साझा विचार है कि आज के युग में आध्यात्मिक संस्थाएं कैसे एक करुणामय, समन्वित और शांतिपूर्ण विश्व के निर्माण में प्रमुख भूमिका निभा सकती हैं। अबू धाबी में निर्मित बीएपीएस हिन्दू मंदिर को चर्च नेताओं ने धार्मिक सहिष्णुता और संस्कृति के सह-अस्तित्व का अद्वितीय प्रतीक बताया। यह ऐतिहासिक संवाद संस्थान की वैश्विक नेतृत्व क्षमता और मानवता के कल्याण हेतु किए जा रहे सेवा प्रयासों का परिचायक बना।


