राजन बलसाने / मुंबई वार्ता

उल्हासनगर महानगरपालिका के समग्र शिक्षा विभाग द्वारा दिव्यांग बच्चों के लिए राष्ट्रव्यापी ‘अखिल भारतीय शिक्षा समागम’ कार्यक्रम के हिस्से के रूप में, २९ जुलाई से ५ अगस्त तक उल्हासनगर शहर में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम मा. आयुक्त और प्रशासक श्रीमती मनीषा आव्हाळे की प्रेरणा और मार्गदर्शन में आयोजित किया गया था । इन्हीं गतिविधियों के एक महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में, ४ और ५ अगस्त को दिव्यांग छात्रों के लिए एक विशेष चिकित्सा शिविर आयोजित किया गया था।


इस शिविर में २१ प्रकार की दिव्यांगता वाले छात्रों की जांच की गई, जिनमें मुख्य रूप से अस्थिविकलांग, मानसिक रूप से मंद, आंशिक रूप से दृष्टिबाधित और श्रवण बाधित छात्र शामिल थे। उल्हासनगर क्षेत्र के सभी मनपा स्कूल, निजी स्कूल, गैर-अनुदानित स्कूल और आंगनवाड़ियों ने इस शिविर में भाग लिया। सभी दिव्यांग छात्रों की उनकी श्रेणी के अनुसार जांच की गई।इस शिविर की सफलता के लिए सेंट्रल हॉस्पिटल के डॉ. मनोहर बनसोडे और सर्वानंद हॉस्पिटल के डॉ. मोहनदास बालानी का विशेष आभार। उन्होंने छात्रों को मार्गदर्शन और सहयोग प्रदान किया, जिससे कई छात्रों को इस शिविर का लाभ मिला।डॉ. मनोहर बनसोडे ने भविष्य में हर बुधवार को इसी तरह का शिविर आयोजित करने का आश्वासन दिया। उन्होंने समग्र शिक्षा विभाग से हर बुधवार को दिव्यांग बच्चों को जांच के लिए सेंट्रल हॉस्पिटल लाने का अनुरोध किया।


इसके अलावा, उन्होंने खुद पहल करके फिजियोथेरेपी, अर्ली इंटरवेंशन सेंटर (शिशु केंद्र), फिजियोथेरेपी साइकिल विशेषज्ञ और अन्य डॉक्टरों से संपर्क कर छात्रों को सहयोग और उचित मार्गदर्शन दिया।इस शिविर की सफलता के लिए मा. आयुक्त तथा प्रशासक श्रीमती मनीषा आव्हाळे के साथ मनपा जिला समन्वयक, समावेशीत शिक्षा श्रीमती संगीता विलास काळे ने विशेष प्रयास किए। इसके अलावा, कार्यक्रम में उपस्थित सभी समग्र शिक्षा कर्मचारियों और NSS स्वयंसेवकों ने भी महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया।


