मुंबई वार्ता/हरीशचंद्र पाठक

मुंबई के मझगांव स्थित सेंट मैरी हाई स्कूल में 27 और 28 नवंबर को आयोजित 53वीं ई एवं एफ साउथ वार्ड विज्ञान प्रदर्शनी 2025–26 उत्साहपूर्वक सम्पन्न हुई। “STEM for Vikasit and Atmanirbhar Bharat” थीम पर आधारित इस प्रदर्शनी में 55 से अधिक विद्यालयों के छात्रों ने पर्यावरण संरक्षण, रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, नवीकरणीय ऊर्जा और डिजास्टर मैनेजमेंट जैसे विषयों पर नवोन्मेषी मॉडल प्रस्तुत किए।


उद्घाटन समारोह में शिक्षण निरीक्षक डॉ. वैशाली वीर ने कहा कि बच्चे हमारे भविष्य का 100% हैं और वैज्ञानिक दृष्टिकोण राष्ट्र विकास की कुंजी है। विशिष्ट अतिथि डॉ. ललिता दरेश्वर ने जिज्ञासा और प्रयोगात्मक सीख को छात्रों के लिए अनिवार्य बताया।समापन समारोह में उप शिक्षण निरीक्षक प्रशांत महाबोले ने छात्रों को नवाचार और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में सक्रिय योगदान देने की प्रेरणा दी।


डॉ. के. वी. श्रीनिवासन ने अनुभव आधारित शिक्षा की महत्ता पर जोर दिया। जजों ने विद्यार्थियों की रचनात्मकता और वैज्ञानिक सोच की सराहना की।विजेताओं को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए और वंदे मातरम के साथ दो दिवसीय कार्यक्रम का समापन हुआ। प्रदर्शनी ने छात्रों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, रचनात्मकता और समस्या समाधान क्षमता को प्रभावी रूप से विकसित किया।


