रवीन्द्र मिश्रा । मिर्जापुर/ मुंबई वार्ता

मिर्जापुर स्टेशन के पास स्थित शिवपुरी कालोनी के देव निवास में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के 5 वें दिन भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं का वर्णन किया गया ।


राष्ट्रपति सम्मान से सम्मानित डॉ ब्रह्मानंद शुक्ला ने भगवान कृष्ण की अनेक लीलाओं का वर्णन करते हुए कहा कि जब नंद यशोदा के घर बालक पैदा होने की खबर कंस ने सुना तो उन्हें मारने के लिए नित नई तरकीब निकालता था ।कभी वह पूतना को स्तन पर विष लगा कर भगवान कृष्ण को दूध पिलाने के लिए भेजता तो कभी अन्य राक्षस को। एक दिन मैया यशोदा ने नंद बाबा से कहा कि लल्ला बड़ा हो गया है । इसका नाम करण करवा दो । नंद बाबा ने ऋषि आचार्य गर्ग को नाम करण के लिए बुलाया । गर्ग ने कहा कि इन बच्चों का नाम गोशाला में किया जायेगा ।


उन्होंने यशोदा से कहा कि इस बालक के अनेक नाम होंगे। यह काला है इसलिए इसका नाम कृष्ण रखो। और यह बलशाली है इसलिए इसका नाम बलराम रख्खो। गुरु के भोजन प्रसाद के लिए जब माता यशोदा ने खीर बनाया।और गुरु जी को प्रसाद ग्रहण के लिए कहा तो गुरु ने कहा कि पहले हम भगवान के नाम की माला जप कर ले फिर प्रसाद ग्रहण करेंगे। इधर जब तक ऋषि का माला जप चलता उसके पहले ही कृष्ण बलराम ने खीर ख़त्म कर दिया ।
माता यशोदा ने देखा कि उसके दोनों बेटे ऋषि गर्ग के लिए बनाए गए खीर ख़त्म कर दिए ।मा बहुत शर्मिन्दा हुईं। फिर उन्होंने गुरु के लिए खिचड़ी बनाई।और दोनों बेटों को घर में बंद कर दिया । फिर जब गर्ग ऋषि ने माला जप शुरू किया तब फिर वे दोनों आ गये। खिचड़ी खाना शुरू किया तभी ऋषि का जप ख़त्म हुआ ।सामने देखा तो वे उन्हें देखते ही गदगद हो गए । कहा कि जिस भगवान का हम भोग लगा कर उनका प्रसाद पाते थे उसे आज अपने हाथ से खिलाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है ।
कथा में भगवान श्री कृष्ण की अनेक लीलाओं का वर्णन किया गया ।आज के इस भागवत कथा में रामभद्राचार्य विश्व विद्यालय चित्र कूट के कुलपति श्री शिशिर पांडेय, विंध्याचल के दीनबंधु महाराज, सहित कई अन्य गणमान्य लोग तथा भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे ।



जय श्रीकृष्ण