मुंबई वार्ता/सतीश सोनी

पिछले कुछ दिनों में एमएनएस चीफ राज ठाकरे और शिवसेना (ठाकरे गुट) चीफ उद्धव ठाकरे के बीच बढ़ती मुलाकातों ने पॉलिटिकल गलियारों में बहस छेड़ दी है। आने वाले मुंबई महानगर पालिका चुनावों में ठाकरे गुट (शिवसेना युबीटी) और एमएनएस के बीच गठबंधन की संभावना जताई जा रही है, वहीं इस बारे में केंद्रीय सामाजिक न्याय राज्य मंत्री रामदास अठावले ने बड़ा दावा किया है।


अठावले ने साफ कहा कि अगर उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे एक साथ आते हैं, तो मुंबई में मराठी वोटों में बंटवारा होगा और इसका सीधा फायदा महायुति को होगा। उद्धव ठाकरे को राज ठाकरे को साथ लेने की गलती नहीं करनी चाहिए थी।


उन्होंने दावा किया कि राज ठाकरे से उद्धव ठाकरे को कोई फायदा नहीं होगा, बल्कि इससे उद्धव ठाकरे को बड़ा नुकसान होगा। रामदास अठावले ने कहा, “जब लोकसभा में राज ठाकरे हमारे साथ थे, तो हमें ज़्यादा फ़ायदा नहीं हुआ। लेकिन विधानसभा में, जब राज ठाकरे हमारे साथ नहीं थे, तो हमें बहुत फ़ायदा हुआ। इसलिए, राज ठाकरे के साथ गठबंधन चुनावी नज़रिए से फ़ायदेमंद नहीं है।”


अठावले ने कहा कि मुंबई महानगर पालिका चुनाव में उद्धव ठाकरे से मुंबई छीनने के लिए महायुति पूरी ताकत से मैदान में उतरेगी। उन्होंने यह भी पक्का यकीन जताया, “यह पक्का है कि मुंबई का मेयर महायुति से ही होगा।” उन्होंने यह भी कहा कि हमारी मांग है कि मुंबई की २५ सीटों में से कम से कम १६ सीटें आर्पीआई को मिलें।



Right