मुंबई । मुंबई वार्ता संवाददाता

एयर इंडिया की दिल्ली–मुंबई उड़ान में सोमवार को टेक-ऑफ के कुछ ही देर बाद तकनीकी खराबी सामने आने पर विमान को एहतियातन दिल्ली वापस लाना पड़ा। बोइंग 777-300ईआर विमान ने एयर-टर्नबैक करते हुए सुरक्षित रूप से दिल्ली में लैंडिंग की। इस घटना की जांच नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) द्वारा की जाएगी।


डीजीसीए के अनुसार फ्लाइट एआई-887 में उड़ान भरने के बाद फ्लैप रिट्रैक्शन की प्रक्रिया के दौरान दाहिने इंजन (इंजन संख्या-2) में इंजन ऑयल प्रेशर कम पाया गया। कुछ ही समय में ऑयल प्रेशर शून्य हो गया। मानक सुरक्षा प्रक्रिया का पालन करते हुए विमान चालक दल ने इंजन संख्या-2 को बंद किया और विमान को सुरक्षित रूप से दिल्ली वापस ले आए।


नियामक संस्था ने बताया कि विमान की विस्तृत तकनीकी जांच और आवश्यक मरम्मत की प्रक्रिया जारी है। इस घटना की जांच एयरलाइन के स्थायी जांच बोर्ड द्वारा डीजीसीए के निदेशक (वायु सुरक्षा, उत्तर क्षेत्र) की निगरानी में की जाएगी।एयर इंडिया ने बताया कि प्रभावित यात्रियों को तत्काल सहायता प्रदान की गई है और उन्हें उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं की गई हैं।इस बीच, उड़ानों में संभावित व्यवधानों को देखते हुए एयर इंडिया ने आगामी कोहरे के मौसम के लिए अतिरिक्त तैयारियों की घोषणा की है।
इसके तहत सीएटी थ्री-बी प्रशिक्षित चालक दल का रोस्टर, सीएटी थ्री-बी प्रमाणित विमानों की तैनाती, हवाईअड्डा-स्तरीय व्यवस्थाएं, तकनीक-सक्षम यात्री सहायता और पूर्व सूचना आधारित संवाद व्यवस्था को मजबूत किया गया है। सीएटी थ्री-बी प्रणाली कम दृश्यता में सुरक्षित लैंडिंग के लिए विशेष प्रशिक्षण और प्रमाणन से जुड़ी होती है।
एयर इंडिया ने अपनी ‘फॉग केयर’ पहल को भी सक्रिय किया है, जिसके अंतर्गत मौसम पूर्वानुमान के आधार पर प्रभावित होने वाली उड़ानों की पहचान कर यात्रियों को संभावित देरी या समय-सारिणी में बदलाव की सूचना पहले से दी जाती है।डीजीसीए ने इस मौसम के लिए 10 दिसंबर 2025 से 10 फरवरी 2026 तक की अवधि को आधिकारिक ‘फॉग विंडो’ घोषित किया है।


