मुंबई वार्ता संवाददाता

राज्य में कुछ लोग जाति, धर्म, भाषा और प्रांत के नाम पर समाज को बाँटने का काम कर रहे हैं। अंग्रेजों ने जिस ‘फूट डालो और राज करो’ की नीति से देश पर शासन किया था, उसी नीति को आज कुछ ताकतें अपनाने की कोशिश कर रही हैं। ऐसे लोगों की साजिश को पहचानना ज़रूरी है। देश की आज़ादी के बाद हमने लोकतंत्र और संविधान को अपनाया है। यह देश संविधान से चलता है और संविधान से ही चलेगा। संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए कांग्रेस पार्टी पूरी तरह प्रतिबद्ध है, यह बात मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष सांसद वर्षा गायकवाड ने कही।


मुंबई कांग्रेस कार्यालय में 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में ध्वजारोहण के बाद वे बोल रही थीं।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि संविधान के मूल्य ही कांग्रेस पार्टी के मूल मूल्य हैं। आज, 77वें गणतंत्र दिवस पर संविधानिक मूल्यों और नागरिक स्वतंत्रताओं की रक्षा करने की सबसे अधिक आवश्यकता है। संविधान भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था का प्रतिबिंब है। आम नागरिकों के अधिकारों के लिए खड़े रहना, अन्याय के खिलाफ आवाज़ बुलंद करना और समान अवसरों वाला भारत बनाना कांग्रेस की भूमिका रही है। लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखने, समाज में भाईचारे को बढ़ावा देने और हर नागरिक को न्याय दिलाने के लिए कांग्रेस हमेशा जनता के साथ खड़ी रहेगी, ऐसा आश्वासन उन्होंने दिया।भाजपा केवल नाम बदलने की राजनीति कर रही है।


सांसद वर्षा गायकवाड ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा विकास का काम नहीं कर रही है। सामाजिक ताने-बाने को बिगाड़ना और संस्थानों के नाम बदलना ही इस सरकार का मुख्य काम बन गया है। महायुति सरकार के एक मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने केईएम अस्पताल के नाम से ‘एडवर्ड’ शब्द हटाने की बात कही है।
नाम बदलने से क्या मुंबईकरों को इस अस्पताल में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ मिलेंगी? असली सवाल यह है। पहले मुंबईकरों को शिक्षा, स्वास्थ्य, पानी और सार्वजनिक परिवहन जैसी बुनियादी सुविधाएँ उच्च गुणवत्ता की उपलब्ध कराई जाएँ। लेकिन भाजपा को विकास नहीं, केवल विवाद चाहिए, ऐसा भी उन्होंने कहा।
सभी उपनगरीय रेलवे स्टेशनों पर एंबुलेंस उपलब्ध कराई जाएमुंबई लोकल ट्रेन में प्रोफेसर आलोक सिंह पर हुआ चाकू हमला बेहद भयावह और चिंताजनक घटना है। यदि समय पर एंबुलेंस उपलब्ध होती, तो उनके प्राण बचाए जा सकते थे। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्हें जाँच के नाम पर लगभग एक घंटे तक रोके रखा गया और इलाज के लिए ट्रेन से बोरीवली ले जाया गया। इस लापरवाही के कारण उनकी जान गई। इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, ऐसी मांग सांसद वर्षा गायकवाड ने की।
उन्होंने आगे कहा कि कुछ महीने पहले राम मंदिर स्टेशन पर एक महिला को प्लेटफॉर्म पर ही प्रसव कराना पड़ा था, जहाँ एक सहयात्री को व्हाट्सऐप के जरिए डॉक्टर से संपर्क करना पड़ा। रेलवे स्टेशनों पर इस तरह की आपात घटनाओं से निपटने के लिए सभी उपनगरीय स्टेशनों पर एंबुलेंस की व्यवस्था होना अनिवार्य है। इस मांग को कई बार उठाया गया है, लेकिन रेलवे और स्थानीय प्रशासन इसे गंभीरता से नहीं ले रहा है, यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।


