मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई पुलिस की दक्षिण प्रादेशिक साइबर पुलिस थाना, गुन्हे शाखा ने शेयर मार्केट में फर्जी निवेश के जरिए की गई बड़ी साइबर ठगी के मामले में देश के विभिन्न राज्यों से सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने एक फर्जी मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए निवेशकों को मोटे मुनाफे का लालच देकर करोड़ों रुपये की ठगी की।पुलिस के अनुसार, 58 वर्षीय एक पीड़ित से व्हाट्सऐप ग्रुप के माध्यम से संपर्क साधा गया और शेयर मार्केट में निवेश पर अधिक रिटर्न का भरोसा दिलाया गया।


आरोपियों ने पीड़ित को मोबाइल पर “Warburg Pincin” नाम का फर्जी एप्लिकेशन डाउनलोड करने के लिए कहा। इस एप के जरिए 21 दिसंबर 2024 से 19 जनवरी 2025 के बीच पीड़ित से कुल 10 करोड़ 18 लाख 59 हजार रुपये की ठगी की गई।पीड़ित की शिकायत पर नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर दर्ज प्रकरण के आधार पर दक्षिण साइबर पुलिस थाना में अपराध क्रमांक 06/2025 के तहत मामला दर्ज किया गया।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि इस साइबर ठगी से संबंधित कुल 2 करोड़ 21 लाख रुपये नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल के माध्यम से होल्ड कराए गए हैं।मनी ट्रेल की जांच में पाया गया कि ठगी की रकम विभिन्न राज्यों के फर्जी बैंक खातों में ट्रांसफर की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त (साइबर अपराध) के मार्गदर्शन में विशेष जांच टीमें गठित की गईं, जिन्होंने अलग-अलग राज्यों में छापेमारी कर सात आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों में महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, बिहार और पंजाब के निवासी शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के नाम पर खोले गए बैंक खातों से लगभग 2 करोड़ 06 लाख रुपये जब्त किए हैं। साथ ही, इन खातों के जरिए 13 करोड़ 18 लाख 69 हजार 485 रुपये का संदिग्ध लेन-देन सामने आया है, जिसकी जांच नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल के माध्यम से जारी है।
पुलिस ने बताया कि इस मामले में पहले लेयर के सात बैंक खाताधारकों और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आगे की जांच जारी है और साइबर ठगी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।


