मुंबई वार्ता संवाददाता

बोरिवली विधानसभा के विधायक संजय उपाध्याय के मार्गदर्शन में बोरिवली क्षेत्र की पांच नगरसेविकाओं ने मुंबई के नायर अस्पताल का दौरा कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में कई गंभीर खामियां सामने आने के बाद नगरसेविकाओं ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ धरना शुरू कर दिया।


नगरसेविका रानी द्विवेदी निघूट (प्रभाग 13), एडवोकेट सीमा शिंदे (प्रभाग 14), जिज्ञासा निकुंज शाह (प्रभाग 15), डॉ. शिल्पा सांगोरे (प्रभाग 17) और श्वेता कोरगावकर (प्रभाग 16) ने अस्पताल का निरीक्षण किया।
इस दौरान अस्पताल में स्वच्छता की भारी कमी, वार्डों में पर्याप्त हवादारी का अभाव और कैंटीन परिसर में चूहों के घूमने जैसी गंभीर समस्याएं सामने आईं।


निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि एक ही कमरे में 10 से 12 बच्चों को भर्ती किया गया है, जबकि कुछ आश्रय क्षेत्र बंद पड़े हैं। कई जगह वॉश-बेसिन और ड्रेनेज सिस्टम जाम पाए गए। अस्पताल की छात्राओं ने भी शिकायत की कि पिछले एक वर्ष से वे समस्याओं की शिकायत कर रही हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।


इसके अलावा एसी कनेक्शन काम नहीं कर रहे हैं और हवा का प्रवाह बेहद कम है। अस्पताल की सातवीं मंजिल पर भर्ती मरीजों को नहाने के लिए नौवीं मंजिल तक जाना पड़ रहा है, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।


इन सभी समस्याओं को लेकर पांचों नगरसेविकाएं अस्पताल परिसर में धरना आंदोलन पर बैठ गई हैं।
उन्होंने कहा कि जब तक अस्पताल प्रशासन उनसे मिलकर तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने का आश्वासन नहीं देता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।


