मुंबई वार्ता संवाददाता

सरकारी नौकरियों में पदोन्नति में आरक्षण लागू करने की मांग को लेकर सांसद वर्षा गायकवाड़ ने राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि पदोन्नति में आरक्षण केवल नीतिगत विषय नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और वास्तविक समानता सुनिश्चित करने वाला एक संवैधानिक वचन है।


अपने पत्र में वर्षा गायकवाड ने कहा कि 77वें और 85वें संविधान संशोधनों के साथ-साथ सर्वोच्च न्यायालय के विभिन्न फैसलों से यह स्पष्ट होता है कि संसद का उद्देश्य अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के कर्मचारियों के अधिकारों और सम्मान की रक्षा करना है। इसलिए इन वर्गों के लिए सरकारी नौकरियों में पदोन्नति में आरक्षण की प्रभावी रूप से अंमलबजावणी की जानी चाहिए।उन्होंने बताया कि संविधान संशोधनों के माध्यम से अनुच्छेद 16(4) और 16(4A) को मजबूत किया गया है, ताकि सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों के साथ हो रहे ऐतिहासिक अन्याय को दूर किया जा सके।


इन प्रावधानों के जरिए राज्यों को अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए पदोन्नति में आरक्षण देने का अधिकार प्रदान किया गया है।सांसद गायकवाड ने पत्र में सर्वोच्च न्यायालय के महत्वपूर्ण फैसलों का भी उल्लेख किया। M. Nagaraj vs Union of India मामले में अदालत ने पदोन्नति में आरक्षण की वैधता को बरकरार रखते हुए इसके लिए कुछ आवश्यक शर्तें निर्धारित की थीं। वहीं Jarnail Singh vs Lachhmi Narain Gupta मामले में अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि पिछड़े वर्गों का पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं है, तो प्रशासनिक दक्षता का हवाला देकर पदोन्नति में आरक्षण से इनकार नहीं किया जा सकता।


वर्षा गायकवाड ने कहा कि केंद्र सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में आरक्षण नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कई दिशा-निर्देश और परिपत्र जारी किए हैं, ताकि राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में रोस्टर प्रणाली और आरक्षण से संबंधित रिकॉर्ड सही तरीके से बनाए रखे जा सकें। इसके बावजूद कई राज्यों और विभागों में पदोन्नति में आरक्षण के क्रियान्वयन में असंगति देखने को मिल रही है।
कई मामलों में उचित डेटा की कमी या न्यायालयीय दिशानिर्देशों की गलत समझ के कारण इस नीति को लागू करने में बाधाएं आ रही हैं।इसी को देखते हुए उन्होंने राष्ट्रपति से हस्तक्षेप कर सरकारी सेवाओं में पदोन्नति में आरक्षण की प्रभावी और समान रूप से अंमलबजावणी सुनिश्चित करने की मांग की है।


