मुंबई वार्ता संवाददाता

इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) से जुड़े एक बड़े जासूसी नेटवर्क का महाराष्ट्र कनेक्शन सामने आया है। जांच में खुलासा हुआ है कि गाजियाबाद में पकड़ा गया मास्टरमाइंड सुहैल मलिक मुंबई और पुणे के संवेदनशील इलाकों की लाइव वीडियो फीड और लोकेशन डेटा पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स को भेज रहा था।


जांच एजेंसियों के अनुसार, मलिक दिहाड़ी मजदूर के रूप में काम करने का दिखावा करता था, जबकि गुप्त रूप से सोलर पावर से चलने वाले सिम-आधारित कैमरे रणनीतिक स्थानों पर इंस्टॉल करता था। ये कैमरे रियल-टाइम वीडियो और लोकेशन सीधे ISI से जुड़े ऑपरेटिव्स तक पहुंचाते थे।
जानकारी के मुताबिक, मलिक वर्ष 2020 से नवंबर 2025 तक मुंबई में रहा और एक बेकरी में काम करने के बहाने कई संवेदनशील जगहों की रेकी करता रहा। इस दौरान उसने महत्वपूर्ण ठिकानों की निगरानी कर डेटा पाकिस्तान भेजा। सुरक्षा कारणों से इन स्थानों का खुलासा नहीं किया गया है।
मुंबई आने से पहले वह करीब पांच साल पुणे में भी रहा, जहां इसी तरह की जासूसी गतिविधियों को अंजाम देने का शक है। नवंबर 2025 में वह गाजियाबाद शिफ्ट हो गया, जहां उसने रेलवे स्टेशन, सेना की छावनियों और सुरक्षा बलों की गतिविधियों की तस्वीरें और वीडियो बनाकर पाकिस्तान भेजना जारी रखा।
सूत्रों के अनुसार, मलिक और उसके साथियों ने महाराष्ट्र में कम से कम पांच संवेदनशील ठिकानों पर सुरक्षा में सेंध लगाते हुए गुप्त कैमरे लगाए थे। इसके लिए उसे प्रति कैमरा ₹8,000 से ₹10,000 तक का भुगतान किया जाता था, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हो गया।
गाजियाबाद पुलिस से मिली सूचना के बाद महाराष्ट्र पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी पांच संदिग्ध कैमरों को हटा दिया है। साथ ही राज्यभर में सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा शुरू कर दी गई है। जांच में यह भी आशंका जताई गई है कि नेटवर्क ने मुंबई के नौसेना ठिकानों और एयरपोर्ट क्षेत्रों की भी रेकी की थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पूरे राज्य में CCTV सिस्टम का ऑडिट करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने चीनी कंपनियों से जुड़े सर्विलांस उपकरणों की खरीद पर रोक लगाने और संवेदनशील स्थानों पर लगे कैमरों की सख्त जांच के निर्देश दिए हैं।
वहीं, महाराष्ट्र के डीजीपी सदानंद दाते ने सभी पुलिस अधिकारियों को CCTV सिस्टम की जांच के लिए अलर्ट जारी किया है।
महाराष्ट्र गृह विभाग अब नई CCTV नीति तैयार कर रहा है। प्रस्तावित नीति के तहत बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) और मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी जैसी एजेंसियों को कैमरे लगाने से पहले पुलिस की अनुमति लेनी होगी। साथ ही, निजी हाउसिंग सोसायटियों को भी अपने CCTV की लाइव फीड पुलिस के साथ साझा करने का प्रावधान किया जा सकता है।
अधिकारियों का मानना है कि इन सख्त कदमों से भविष्य में इस तरह की सेंधमारी को रोका जा सकेगा और राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा सकेगा।


