मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई के इंदू मिल में प्रस्तावित डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर स्मारक परियोजना में हो रही देरी को लेकर मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद वर्षा गायकवाड़ ने महायुती सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की ठोस नीति, उचित योजना और इच्छाशक्ति की कमी के कारण यह महत्वपूर्ण परियोजना वर्षों से अधूरी पड़ी है।


वर्षा गायकवाड़ ने कहा कि डॉ. आंबेडकर का स्मारक केवल एक निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों के स्वाभिमान और अस्मिता से जुड़ा विषय है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि बाबासाहेब के अनुयायियों के धैर्य की परीक्षा न ली जाए।


■ सरकार केवल वादे कर रही, काम नहीं
उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार केवल बड़े-बड़े ऐलान करती है, लेकिन उन्हें समय पर पूरा करने में विफल रहती है। गायकवाड़ ने कहा कि इंदू मिल का आंबेडकर स्मारक भी “तारीख पर तारीख” की स्थिति में फंसा हुआ है और बार-बार इसकी समय-सीमा बढ़ाई जा रही है।
■ शिवाजी स्मारक का भी दिया उदाहरण
गायकवाड़ ने नरेंद्र मोदी द्वारा अरब सागर में छत्रपति शिवाजी महाराज के स्मारक के लिए किए गए जलपूजन का जिक्र करते हुए कहा कि लगभग 10 साल बीत जाने के बाद भी उस परियोजना में ठोस प्रगति नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि आंबेडकर स्मारक की स्थिति भी वैसी ही हो गई है।
■ बार-बार बदलते कारणों पर सवाल
उन्होंने कहा कि कभी तकनीकी कारण, कभी प्रशासनिक अड़चनें और अब बाहरी परिस्थितियों जैसे युद्ध का हवाला देकर देरी को जायज ठहराया जा रहा है। यह जनता को गुमराह करने जैसा है।
■ ठोस कार्रवाई की जरूरत
गायकवाड़ ने कहा कि यदि सही योजना और प्रबंधन होता, तो परियोजना में इतनी देरी नहीं होती। उन्होंने सरकार से अपील की कि अब बहानेबाजी छोड़कर ठोस कदम उठाए जाएं और समयबद्ध तरीके से स्मारक का काम पूरा किया जाए।
उन्होंने दोहराया कि यह परियोजना केवल एक इमारत नहीं, बल्कि देश के करोड़ों लोगों की भावनाओं और सम्मान से जुड़ा मुद्दा है, जिसे और अधिक समय तक टालना उचित नहीं है।


