श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 12 वर्षों में भारत ने याचक देश की छवि से निकलकर आत्मनिर्भर और स्वाभिमानी राष्ट्र के रूप में दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है। यह बात देवेन्द्र फडणवीस ने ‘राष्ट्र निर्माणाची तपपूर्ती’ विशेष स्मारिका के प्रकाशन समारोह में कही।


मुंबई के रवीन्द्र नाट्य मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष रवीन्द्र चव्हाण मुख्य रूप से उपस्थित थे। इस अवसर पर कौशल विकास मंत्री मंगल प्रभात लोढा, भाजपा नेता सुनील राणे, विधायक योगेश सागर, निरंजन डावखरे , संजय कुटे और मुंबई भाजपा अध्यक्ष अमित साटम सहित कई गणमान्य मौजूद रहे।


यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 26 मई 2014 को प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था। विशेषांक में मोदी सरकार के पिछले 12 वर्षों के विकास कार्यों, नीतिगत फैसलों और विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में गरीबों को घर, शौचालय और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया गया। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र ने भी भारत में 25 करोड़ लोगों के गरीबी रेखा से बाहर आने की सराहना की है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2013-14 में भारत का सकल घरेलू उत्पाद 103 लाख करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 357 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। वहीं महाराष्ट्र का सकल घरेलू उत्पाद 13 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 54 लाख करोड़ रुपये हो गया है। फडणवीस ने कहा कि यह परिवर्तन प्रधानमंत्री मोदी द्वारा अर्थव्यवस्था में किए गए संरचनात्मक सुधारों और निवेश आधारित विकास मॉडल के कारण संभव हुआ है।
मुख्यमंत्री ने संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उस दौर में अनुदान आधारित अर्थव्यवस्था पर जोर था, जबकि मोदी सरकार ने निवेश, आधारभूत संरचना और अवसर निर्माण को प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और जल्द ही तीसरे स्थान पर पहुंचेगा।
इस मौके पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को नई दिशा देने का काम किया है। उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ जनआंदोलन खड़ा किया और शासन व्यवस्था में पारदर्शिता लाई। चव्हाण ने कहा कि मोदी सरकार की योजनाएं समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही हैं और ‘स्वच्छ भारत अभियान’ से लेकर रसोई गैस लाभ छोड़ने की अपील जैसे कई कदम देश के लिए क्रांतिकारी साबित हुए हैं।


