अंतरराष्ट्रीय स्तर का संगीत महाविद्यालय बनेगा कला और संगीत शिक्षा का नया केंद्र: चंद्रकांत पाटील।

Date:

मुंबई वार्ता संवाददाता

महाराष्ट्र सरकार द्वारा निर्माणाधीन अंतरराष्ट्रीय स्तर के संगीत महाविद्यालय का निरीक्षण करते हुए राज्य के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि यह संस्थान संगीत क्षेत्र में करियर बनाने वाले विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण केंद्र साबित होगा।


निरीक्षण के दौरान उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव बी. वेणुगोपाल रेड्डी, महाराष्ट्र राज्य कला संचालनालय के संचालक डॉ. किशोर इंगळे, महाराष्ट्र राज्य कला शिक्षण मंडल के संचालक विनोद दांडगे, ग्रंथालय संचालक अशोक गाडेकर, वरिष्ठ गायिका उषा मंगेशकर, आदिनाथ मंगेशकर, निर्माण विभाग के अधिकारी तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।


इस अवसर पर मंत्री चंद्रकांत पाटील ने कहा कि संगीत क्षेत्र में नए अवसर तलाशने और नई विधाएं सीखने की इच्छा रखने वाले विद्यार्थियों के लिए यह महाविद्यालय अत्यंत उपयोगी साबित होगा। उन्होंने कहा कि आधुनिक सुविधाएं, उच्च गुणवत्ता वाला प्रशिक्षण और विश्वस्तरीय शैक्षणिक वातावरण विद्यार्थियों की प्रतिभा और रचनात्मकता को नया मंच प्रदान करेगा।


उन्होंने कहा कि भारतीय संगीत परंपरा को वैश्विक स्तर पर सम्मान दिलाने और देश में अंतरराष्ट्रीय स्तर की संगीत शिक्षा संस्था स्थापित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार इस अत्याधुनिक और भव्य इमारत का निर्माण कर रही है।
मंत्री ने विश्वास जताया कि इस महाविद्यालय के माध्यम से पारंपरिक और आधुनिक संगीत शिक्षा दोनों को बढ़ावा मिलेगा तथा राज्य के विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय अवसर उपलब्ध हो सकेंगे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

प्रमुख खबरे

More like this
Related

मुंबई मेट्रो-6 परियोजना की लागत में ₹441 करोड़ की बढ़ोतरी, आरटीआई से हुआ खुलासा।

मुंबई वार्ता संवाददाता मुंबई मेट्रो-6 परियोजना की लागत...

खार दांडा समुद्र में मछली पकड़ने गई नाव पलटी, एक मछुआरे की मौत।

मुंबई वार्ता संवाददाता मुंबई के खार (पश्चिम) इलाके में...

महाराष्ट्र पर बढ़ते कर्ज और ठेकेदारों के बकाया भुगतान को लेकर सरकार घिरी, एनसीपी (एसपी) का बड़ा हमला।

मुंबई वार्ता संवाददाता महाराष्ट्र में बढ़ते सार्वजनिक कर्ज और...

बखरी—-

सुरेश मिश्र / कवी/मुंबई वार्ता गर्मी थी या...