मुंबई वार्ता संवाददाता

महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से गुरुवार को मुंबई स्थित तिलक भवन में ‘लोकतंत्र बचाओ संकल्प सभा’ का आयोजन किया गया। सभा में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की तेलंगाना प्रभारी मीनाक्षी नटराजन, महात्मा गांधी के प्रपौत्र तुषार गांधी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल, विधान परिषद में कांग्रेस विधायक दल के नेता सतेज उर्फ बंटी पाटिल सहित कई वरिष्ठ नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।


सभा को संबोधित करते हुए मीनाक्षी नटराजन ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि देश में पहले वोट चोरी हुई, फिर सीट चोरी हुई, उसके बाद राजनीतिक दलों की चोरी हुई और अब नागरिकता छीनने का खतरा खड़ा किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि नागरिकता से वंचित कर लोगों के संवैधानिक और मानवीय अधिकार छीने जा रहे हैं। उन्होंने लोगों से लोकतंत्र की रक्षा के लिए एकजुट होकर आवाज़ उठाने की अपील की।


मीनाक्षी नटराजन ने अपने राज्यसभा नामांकन रद्द किए जाने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि यह केवल उनके साथ हुआ अन्याय नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था पर हमला है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के पास पर्याप्त संख्या बल नहीं होने के बावजूद तीसरा उम्मीदवार उतारा गया और चुनाव निर्णय अधिकारी पर दबाव बनाकर उनका नामांकन रद्द कराया गया।
उन्होंने यह भी कहा कि उनकी आपत्तियों पर विचार नहीं किया गया और त्रुटि सुधारने का अवसर भी नहीं दिया गया, जबकि दूसरे राज्यों में उम्मीदवारों को ऐसा मौका मिला। उन्होंने कहा कि इस फैसले के खिलाफ पूरे देश में विरोध हुआ और उनके लिए राज्यसभा से अधिक जनता की अदालत महत्वपूर्ण है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किया जाना लोकतंत्र के साथ बड़ा अन्याय है। उन्होंने कहा कि देश में अब ‘करो या मरो’ जैसी स्थिति बन गई है और लोकतंत्र व संविधान की रक्षा के लिए आज़ादी की दूसरी लड़ाई लड़ने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आज देश में मनुवादी और संविधानवादी विचारधाराओं के बीच संघर्ष चल रहा है।
विधान परिषद में कांग्रेस विधायक दल के नेता सतेज उर्फ बंटी पाटिल ने आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों में देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था कमजोर हुई है और विपक्ष की आवाज़ दबाई जा रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र बचाने के इस अभियान में 15 से 25 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को बड़ी संख्या में जोड़ना होगा। उन्होंने सोशल मीडिया के प्रभावी उपयोग पर भी जोर दिया।
तुषार गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि देश की वर्तमान स्थिति ब्रिटिश शासन से भी अधिक चिंताजनक हो गई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों को वैचारिक रूप से गुलाम बनाया जा रहा है और संविधान को मजबूत करने वाली संस्थाओं को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने सरकार के खिलाफ व्यापक जनआंदोलन खड़ा करने की आवश्यकता बताते हुए कहा कि जब तक जनता सड़कों पर नहीं उतरेगी, तब तक सत्ता पर प्रभाव नहीं पड़ेगा।
सभा में वरिष्ठ समाजसेविका उल्का महाजन, तीस्ता सीतलवाड़, चित्रा राणे, जयंत दिवाण, कांग्रेस नेता सचिन सावंत, चरणजीत सप्रा सहित अनेक नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम के माध्यम से कांग्रेस ने लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए जनजागरण अभियान तेज करने का संकल्प व्यक्त किया।


