कांदिवली पुलिस का बड़ा खुलासा: फर्जी निवेश के नाम पर 8.22 लाख की साइबर ठगी, दो आरोपी गिरफ्तार; चीन से जुड़े नेटवर्क की जांच।

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मुंबई वार्ता संवाददाता


मुंबई की कांदिवली पुलिस ने फर्जी निवेश योजना के जरिए लाखों रुपये की साइबर ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने पुणे में जाल बिछाकर प्रतीक क्षीरसागर (38) और दिनेश संकला (25) को गिरफ्तार किया। दोनों पर कांदिवली के एक व्यवसायी से 8.22 लाख रुपये की ठगी करने का आरोप है।


पुलिस के अनुसार, यह ठगी 26 फरवरी से 31 मार्च के बीच की गई। पीड़ित ने 31 मार्च को ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर 3 अप्रैल को कांदिवली पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया।

■ फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के जरिए बनाया शिकार


एफआईआर के अनुसार, आरोपियों ने व्यवसायी को अधिक मुनाफे का लालच देकर एक फर्जी ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर निवेश करने के लिए प्रेरित किया। वेबसाइट पर ट्रेडिंग वॉलेट और शेयर बैंक पूरी तरह कार्यरत दिखाई देते थे, जिससे पीड़ित को यह विश्वास हो गया कि उसका निवेश सुरक्षित है। हर बैंक ट्रांसफर के बाद राशि डिजिटल वॉलेट में दिखाई देती थी, जिससे प्लेटफॉर्म असली प्रतीत होता था।
इसके बाद ठगों ने दावा किया कि पीड़ित को 30,000 आईपीओ शेयर आवंटित किए गए हैं और इसके लिए 9 लाख रुपये से अधिक जमा कराने होंगे। किसी तरह व्यवस्था कर पीड़ित ने 8.22 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। रकम मिलने के बाद आरोपी संपर्क से गायब हो गए।
जांच में सामने आया कि ठगी की रकम बैंक ऑफ बड़ौदा, उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक और यस बैंक के विभिन्न खातों के माध्यम से ट्रांसफर की गई।

■ मनी ट्रेल से पुणे तक पहुंची पुलिस


जांच के दौरान पुलिस ने करीब 3 लाख रुपये की राशि का पता लगाया, जो पुणे स्थित एक फर्म के खाते में पहुंची थी। यह फर्म आरोपी प्रतीक क्षीरसागर से जुड़ी हुई थी। कांदिवली पुलिस की टीम ने पुणे पहुंचकर उसे गिरफ्तार किया और उसके कार्यालय से इलेक्ट्रॉनिक उपकरण तथा महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए।


पूछताछ में क्षीरसागर ने खुद को केवल “म्यूल अकाउंट” उपलब्ध कराने वाला एजेंट बताया, जो कमीशन के बदले बैंक खाते उपलब्ध कराता था। उसकी निशानदेही पर पुलिस दूसरे आरोपी दिनेश संकला तक पहुंची।

■ चार दिन तक बिछाया जाल, राजस्थान से बुलाकर गिरफ्तारी


पुलिस ने संकला को पकड़ने के लिए चार दिनों तक रणनीति बनाई। उसे अधिक म्यूल अकाउंट उपलब्ध कराने का झांसा देकर 27 जून को राजस्थान से पुणे बुलाया गया। जैसे ही वह वहां पहुंचा, पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। बाद में दोनों आरोपियों को मुंबई लाकर पूछताछ शुरू की गई।
22 म्यूल अकाउंट और 10 राज्यों में 183 साइबर ठगी के मामले
क्षीरसागर के कार्यालय की तलाशी के दौरान पुलिस को 22 म्यूल बैंक खातों का पता चला। जांच में सामने आया कि ये खाते देश के 10 राज्यों में दर्ज 183 साइबर धोखाधड़ी मामलों से जुड़े हुए हैं। इससे संकेत मिले हैं कि दोनों आरोपी किसी बड़े अंतरराज्यीय साइबर गिरोह के लिए काम कर रहे थे।

■ चीन से जुड़े नेटवर्क की आशंका


पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ में दिनेश संकला ने खुलासा किया कि वे ठगी की रकम अपने पास नहीं रखते थे और न ही उसे निकालते थे। रकम सीधे उन खातों में भेजी जाती थी, जिन्हें उसने चीन स्थित एक कंपनी से जुड़ा बताया। इसके बदले उन्हें अमेरिकी डॉलर (USD) में कमीशन दिया जाता था।


कांदिवली पुलिस अब इस मामले में अंतरराष्ट्रीय साइबर नेटवर्क और चीन से जुड़े वित्तीय लेन-देन की गहन जांच कर रही है। साथ ही अन्य आरोपियों और पूरे गिरोह का पता लगाने के लिए जांच का दायरा बढ़ाया गया है।

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