राम मंदिर दान घोटाले की सुप्रीम कोर्ट निगरानी में जांच हो, ट्रस्ट भंग किया जाए: कन्हैया कुमार।

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मुंबई वार्ता संवाददाता

कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने राम मंदिर में कथित दान चोरी के मामले को लेकर भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि करोड़ों रामभक्तों द्वारा भगवान राम को श्रद्धापूर्वक दान किए गए धन, सोने और चांदी में कथित गड़बड़ी हुई है। उन्होंने इस पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने और राम मंदिर ट्रस्ट को भंग करने की मांग की।


मुंबई स्थित राजीव गांधी भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में कन्हैया कुमार ने कहा कि “प्रभु राम के नाम पर चढ़ाए गए दान की चोरी महापाप और गंभीर अपराध है। कांग्रेस धर्म के नाम पर राजनीति नहीं करती, लेकिन करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।”


उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस का हिंदू धर्म से कोई वास्तविक सरोकार नहीं है और वे केवल अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए धर्म का उपयोग करते हैं। कन्हैया कुमार ने कहा कि “उनका एक ही राम है और वह नथूराम है, प्रभु राम से उनका कोई लेना-देना नहीं है।”


कांग्रेस नेता ने कहा कि राम मंदिर में कथित चोरी के बाद भी भाजपा और आरएसएस के नेता उसका बचाव कर रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि राम मंदिर के भूमिपूजन और प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम का श्रेय लेने वाले प्रधानमंत्री अब कथित चोरी के मामले पर पूरी तरह मौन हैं। उन्होंने कहा कि पेपर लीक हो या राम मंदिर में कथित चोरी, प्रधानमंत्री ने एक शब्द भी नहीं कहा।


कन्हैया कुमार ने राज्य सरकार द्वारा गठित एसआईटी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस जांच दल पर किसी को भरोसा नहीं है क्योंकि यह केवल मामले को दबाने का प्रयास है। उनका आरोप था कि एसआईटी प्रमुख पर पहले से धोखाधड़ी (420) का मामला दर्ज है, ऐसे में निष्पक्ष जांच की उम्मीद नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि छोटे कर्मचारियों को निशाना बनाया जा रहा है, जबकि बड़े जिम्मेदार लोग खुलेआम घूम रहे हैं। इसलिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र जांच कर सभी दोषियों को सजा दी जानी चाहिए।


उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर पूछे गए सवाल के जवाब में कन्हैया कुमार ने कहा कि शिंदे का कोई स्वतंत्र राजनीतिक अस्तित्व नहीं बचा है और उन्होंने अमित शाह के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी राजनीति “चंदा दो, धंधा लो” मॉडल पर चल रही है और उन्हें अमित शाह तथा गौतम अदाणी के खिलाफ बोलने का साहस दिखाना चाहिए।
कन्हैया कुमार ने यह भी कहा कि कांग्रेस देश के स्वाभिमान, लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष कर रही है और इस लड़ाई में जो भी दल साथ आना चाहते हैं, उनका स्वागत है।


इन्फ्रास्ट्रक्चर के मुद्दे पर भी उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ब्रिटिश काल में बने पुल आज भी मजबूत हैं और कांग्रेस सरकार के समय 16 वर्ष पहले बना बांद्रा-वर्ली सी लिंक भी सुरक्षित है, जबकि दो महीने पहले बने 7,000 करोड़ रुपये के मिसिंग लिंक प्रोजेक्ट में ही खामियां सामने आ गई हैं।
प्रेस वार्ता में मुंबई कांग्रेस के प्रवक्ता एवं मीडिया समन्वयक सुरेशचंद्र राजहंस, प्रवक्ता शीतल म्हात्रे, रवि बावकर, निजामुद्दीन रायन, मंदार पवार सहित अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।

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