MPSC भर्ती घोटाला व्यापम से भी बड़ा, ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली तत्काल रद्द की जाए: हर्षवर्धन सपकाल।

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मुंबई वार्ता संवाददाता

मध्य प्रदेश में व्यापम भर्ती घोटाला हुआ था, लेकिन महाराष्ट्र में MPSC भर्ती घोटाला उससे भी बड़ा है। MPSC की पूरी व्यवस्था भ्रष्ट हो चुकी है और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करते हुए ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली तथा नॉर्मलाइजेशन (Normalization) को तुरंत रद्द करना चाहिए, अन्यथा कांग्रेस राज्यव्यापी आंदोलन करेगी, ऐसा चेतावनी महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने दिया।

MPSC की CBT और नॉर्मलाइजेशन प्रणाली के विरोध में कांग्रेस का अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन और धरना आंदोलन बेलापुर में पिछले तीन दिनों से जारी है। आज प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने आंदोलन स्थल का दौरा किया। इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष आबा दलवी, रोजगार एवं स्वरोजगार विभाग के प्रमुख धनंजय शिंदे, प्रदेश महासचिव एवं नवी मुंबई प्रभारी मोनिका जगताप, गुरुचरण बच्छर, प्रवक्ता सैयद नासिर हुसैन, संतोष शेट्टी, प्रदेश सचिव आनंद सिंह सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित थे।

इस अवसर पर हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि भाजपा- महायुति सरकार गूंगी, बहरी और अंधी बन चुकी है। ऐसे में उससे संवाद कैसे किया जाए, यही सबसे बड़ा सवाल है। यह सरकार एक परीक्षा भी ईमानदारी और व्यवस्थित ढंग से आयोजित नहीं कर सकती। NEET का पेपर लीक हुआ, लेकिन यह पहली बार नहीं बल्कि अब तक 77 बार पेपर लीक हो चुके हैं। हर क्षेत्र में भ्रष्टाचार फैला हुआ है। MPSC की परीक्षाओं का ठेका निजी कंपनियों को देकर ऑनलाइन परीक्षा कराई जा रही है, जिसका छात्र तीव्र विरोध कर रहे हैं। कांग्रेस ने छात्रों के हित में यह आंदोलन शुरू किया है और यह आंदोलन पूरे राज्य में चल रहा है। जब तक छात्रों की मांगें पूरी नहीं होतीं, कांग्रेस पीछे नहीं हटेगी। सरकार तुरंत मांगें स्वीकार करे, अन्यथा आंदोलन की यह चिंगारी पूरे राज्य में फैल जाएगी।

सपकाल ने आगे कहा कि ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली में गंभीर गड़बड़ियां हैं। परीक्षाएं ऑफलाइन और पूरी तरह पारदर्शी तरीके से आयोजित की जानी चाहिए। ऑनलाइन परीक्षा का ठेका कुछ चुनिंदा लोगों की निजी कंपनियों को दिया गया है। पैसे लेकर नौकरियां देने का खेल चल रहा है। पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव है और यह नई व्यवस्था भ्रष्टाचार का एक संगठित रैकेट बन चुकी है। निजी कंपनियों द्वारा आयोजित ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली पर छात्रों का भरोसा नहीं रहा है। चार दिनों से आंदोलन जारी है, लेकिन सरकार या MPSC का एक भी अधिकारी आंदोलनकारियों से मिलने नहीं आया। यह जानबूझकर किया जा रहा है। संभवतः वे इसलिए नहीं आए क्योंकि वे इस कथित भ्रष्टाचार को जारी रखना चाहते हैं या फिर उनके पास छात्रों के सवालों का कोई जवाब नहीं है। सरकार आंदोलन को कुचलने का प्रयास कर रही है, लेकिन आंदोलन जारी रहेगा।

एक प्रश्न के उत्तर में हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि राम मंदिर में हुई कथित चोरी का मामला सरकार के लिए असहज होता जा रहा है, इसलिए लोगों का ध्यान भटकाने के लिए सिद्धिविनायक मंदिर में हुई चोरी का मुद्दा आगे लाया जा रहा है। यदि सिद्धिविनायक मंदिर में हुई चोरी की जांच करनी है तो अवश्य की जाए, लेकिन राम मंदिर में हुई कथित चोरी की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। राम मंदिर की दान राशि और चढ़ावे की कथित चोरी की जांच होनी चाहिए। चंपत राय और अनिल मिश्रा को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस—इनमें से कोई भी राम मंदिर में हुई कथित चोरी के मुद्दे पर कुछ नहीं बोल रहा है। सभी मौन हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि राम मंदिर की दान राशि में हुई कथित चोरी के विरोध में कांग्रेस पूरे महाराष्ट्र में आंदोलन चला रही है।

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