अनिल अंबानी समूह पर ईडी का बड़ा एक्शन, 1,021 करोड़ रुपये की नई संपत्तियां जब्त; कुल अटैचमेंट 20,367 करोड़ पहुंचा।

Date:

मुंबई वार्ता संवाददाता

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (RCFL) से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग और सार्वजनिक धन के दुरुपयोग के मामले में 1,021 करोड़ रुपये की नई संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच की हैं। इसके साथ ही अनिल धीरूभाई अंबानी समूह (ADAG) से जुड़े मामलों में अब तक अटैच की गई संपत्तियों का कुल मूल्य 20,367 करोड़ रुपये हो गया है।


ईडी ने शनिवार को बताया कि धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत की गई इस कार्रवाई में रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के पास मौजूद रिलायंस पावर लिमिटेड के इक्विटी शेयर, साथ ही सासन पावर लिमिटेड और रिलायंस पावर लिमिटेड से संबंधित लोन रिसीवेबल्स शामिल हैं।


यह कार्रवाई 7 जुलाई को ईडी द्वारा ई-कॉम्प्लेक्स प्राइवेट लिमिटेड और उसके एक निदेशक के आवास पर की गई तलाशी के कुछ दिनों बाद हुई है। जांच एजेंसी का दावा है कि तलाशी के दौरान अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड और ऐसे साक्ष्य मिले हैं, जिनसे समूह के वरिष्ठ प्रबंधन द्वारा शेल कंपनियों पर कथित लाभकारी स्वामित्व और नियंत्रण का संकेत मिलता है।


ईडी के अनुसार, यह मनी लॉन्ड्रिंग जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा विभिन्न सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंकों की शिकायतों के आधार पर दर्ज कई एफआईआर से शुरू हुई थी।


जांच एजेंसी का आरोप है कि अब तक की जांच में सामने आया है कि RHFL और RCFL द्वारा जुटाए गए लगभग 15,548 करोड़ रुपये के सार्वजनिक धन को शेल कंपनियों और समूह से जुड़ी अन्य संस्थाओं के जरिए व्यवस्थित रूप से डायवर्ट किया गया। ईडी का दावा है कि इन कंपनियों का नियंत्रण और संचालन कथित तौर पर रिलायंस अनिल अंबानी समूह के पास था।


ईडी ने बताया कि वह वर्तमान में अनिल अंबानी समूह से जुड़े कई मामलों की जांच पीएमएलए और विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के तहत कर रही है। अब तक एजेंसी ने पीएमएलए के तहत चार ईसीआईआर (ECIR) और फेमा के तहत तीन मामले दर्ज किए हैं। इसके अलावा समूह से जुड़े 80 से अधिक परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया जा चुका है।


एजेंसी के मुताबिक, पीएमएलए के तहत 20,367 करोड़ रुपये की संपत्तियों के अलावा फेमा के तहत 77.86 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां भी अटैच की गई हैं।


वहीं, रिलायंस अनिल अंबानी समूह ने पहले जारी अपने बयानों में किसी भी तरह की अनियमितता से इनकार किया है और कहा है कि वह जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रहा है। हालांकि, नई अटैचमेंट कार्रवाई पर समूह की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

प्रमुख खबरे

More like this
Related

MPSC भर्ती घोटाला व्यापम से भी बड़ा, ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली तत्काल रद्द की जाए: हर्षवर्धन सपकाल।

मुंबई वार्ता संवाददाता मध्य प्रदेश में व्यापम भर्ती घोटाला...

दहिसर की खदान में डूबने से दो युवकों की मौत, दमकल ने निकाला बाहर लेकिन अस्पताल में मृत घोषित।

मुंबई वार्ता/श्रीश उपाध्याय मुंबई के दहिसर (पूर्व) स्थित केतकी...