श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

मानखुर्द-शिवाजी नगर के विधायक अबू आसिम आजमी ने गरीब और अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में संचालित निजी एवं ट्रस्ट के स्कूलों पर कथित दबाव और ‘स्कूल जिहाद’ जैसे नफरती प्रचार के खिलाफ आवाज उठाई है। उन्होंने कार्रवाई का सामना कर रहे स्कूलों के प्रतिनिधिमंडल के साथ नवनियुक्त अतिरिक्त पुलिस आयुक्त धनंजय कुलकर्णी से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा।


ज्ञापन में मांग की गई कि यदि किसी स्कूल में जांच या पूछताछ के लिए पुलिस की मौजूदगी जरूरी हो, तो अधिकारी सादे कपड़ों में स्कूल जाएं। स्कूल परिसर के बाहर पुलिस वैन या भारी पुलिस बल के साथ पहुंचने से बचा जाए, ताकि विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों के बीच भय या दहशत का माहौल पैदा न हो।


अबू आसिम आजमी ने कहा कि स्कूलों से संबंधित आवश्यक दस्तावेज या कागजात पुलिस को चाहिए होने पर ट्रस्टी स्वयं पुलिस स्टेशन जाकर उन्हें उपलब्ध कराने के लिए तैयार हैं। उन्होंने पुलिस से ऐसे शिक्षण संस्थानों के साथ संवेदनशील, सहयोगात्मक और सम्मानजनक व्यवहार करने की अपील की।
आजमी ने कहा कि एक ओर सरकार की ओर से नए स्कूल खोलने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं हो रही है, वहीं गरीब बस्तियों और अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में बच्चों को शिक्षा उपलब्ध कराने वाले निजी एवं ट्रस्ट संचालित स्कूलों पर कार्रवाई और दबाव की शिकायतें सामने आ रही हैं।
उन्होंने कहा कि शिक्षा का माहौल हर हाल में सुरक्षित, निष्पक्ष और भयमुक्त होना चाहिए। गरीब और जरूरतमंद परिवारों के बच्चों का भविष्य किसी नफरती एजेंडे या बेबुनियाद कार्रवाई की भेंट नहीं चढ़ना चाहिए।
आजमी ने पुलिस प्रशासन से स्कूलों की शिकायतों और जांच के मामलों में कानून के अनुसार कार्रवाई करने के साथ-साथ बच्चों की शिक्षा और स्कूल के शांतिपूर्ण वातावरण का भी ध्यान रखने की मांग की।


