मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई के बीएमसी संचालित डॉ. आर.एन. कूपर अस्पताल में बुर्का पहनकर पहुंची महिलाओं को प्रवेश से रोकने और एक महिला से बुर्का हटाने के लिए कहे जाने का मामला विवादों में आ गया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद धार्मिक स्वतंत्रता, निजता और अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।


जानकारी के मुताबिक, यह घटना 30 अगस्त को अस्पताल के मेटरनिटी वार्ड के पास हुई। अधिवक्ता जहांआरा शेख अपने एक रिश्तेदार से मिलने अस्पताल पहुंची थीं। उनके साथ एक अन्य महिला भी थी। दोनों ने बुर्का पहना हुआ था। आरोप है कि मेटरनिटी वार्ड के प्रवेश द्वार पर तैनात महिला सुरक्षा गार्ड ने उन्हें रोक दिया और बुर्का हटाने को कहा।
महिला के मुताबिक, सुरक्षा कर्मी की ओर से बुर्का पहनी महिलाओं के जरिए बच्चों की चोरी होने की आशंका का हवाला दिया गया। इस पर जहांआरा शेख ने आपत्ति जताई और बुर्का उतारने से इनकार किया। उन्होंने इसे अपनी निजता, गरिमा और धार्मिक अधिकारों से जुड़ा मामला बताया। घटना के दौरान दोनों पक्षों के बीच बहस हुई, जिसका वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
■ अस्पताल प्रशासन ने की कार्रवाई
विवाद बढ़ने के बाद अस्पताल प्रशासन ने संबंधित महिला सुरक्षा गार्ड को कारण बताओ नोटिस (Show-Cause Notice) जारी किया है। साथ ही सुरक्षा कर्मचारियों और अन्य स्टाफ के लिए संवेदनशीलता संबंधी कार्यशाला आयोजित करने की बात सामने आई है, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति पैदा न हो।
रिपोर्टों के अनुसार, अस्पताल प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि महिलाओं को बुर्का पूरी तरह उतारना अस्पताल की आधिकारिक प्रक्रिया नहीं है। यदि पहचान की जरूरत हो तो पहचान सत्यापित करने के लिए उचित तरीके अपनाए जा सकते हैं।
■ वीडियो वायरल होने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रिया
वीडियो सामने आने के बाद मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया। कई नेताओं और राजनीतिक संगठनों ने अस्पताल में बुर्का पहनने वाली महिलाओं के साथ कथित व्यवहार पर सवाल उठाए और कार्रवाई की मांग की। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि किसी व्यक्ति के धार्मिक पहनावे को सुरक्षा के नाम पर निशाना बनाना उचित नहीं है।
मामले ने यह बहस भी छेड़ दी है कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा जांच जरूरी होने के बावजूद मरीजों और उनके परिजनों की निजता, धार्मिक पहचान और सम्मान का किस तरह ध्यान रखा जाए।
फिलहाल अस्पताल प्रशासन की ओर से संबंधित सुरक्षा गार्ड के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है और घटना की जांच की जा रही है। महत्वपूर्ण बात यह है कि उपलब्ध जानकारी के मुताबिक बुर्का पूरी तरह उतारना कूपर अस्पताल की आधिकारिक नीति नहीं है, बल्कि मामला एक सुरक्षा कर्मी द्वारा कथित तौर पर दिए गए निर्देश से जुड़ा है।


