मुंबई वार्ता संवाददाता

आयकर विभाग और क्राइम ब्रांच के अधिकारी होने का झांसा देकर फर्जी छापा मारने और एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने वाले गिरोह का अंधेरी पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है।


पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता राजकुमार कंडासामी (49) के कार्यालय में छह अज्ञात पुरुषों और तीन महिलाओं ने मिलीभगत कर खुद को आयकर विभाग और क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताते हुए फर्जी दस्तावेज तैयार किए और जबरन प्रवेश किया। आरोपियों ने शिकायतकर्ता के कार्यालय में आयकर तथा क्राइम ब्रांच के अधिकारी और कर्मचारी होने का झूठा दावा किया।


इसके बाद आरोपियों ने फर्जी सरकारी पहचान पत्र दिखाकर शिकायतकर्ता और उनकी पत्नी का कथित तौर पर अपहरण किया। साथ ही शिकायतकर्ता, उनकी पत्नी और कार्यालय में काम करने वाले अन्य 10 कर्मचारियों के मोबाइल फोन छीन लिए। आरोपियों ने सभी को कार्यालय से बाहर जाने से रोक दिया और कानूनी कार्रवाई करने की धमकी देते हुए उन्हें डराया-धमकाया।
आरोपियों ने कार्रवाई से बचने के लिए शिकायतकर्ता से एक करोड़ रुपये की रंगदारी की मांग की। इसके बाद शिकायतकर्ता ने अज्ञात नौ आरोपियों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के आधार पर अंधेरी पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। मामले में तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
■ गिरफ्तार आरोपी
संतोष उदय खोपटकर (37 वर्ष)
विनय रमेश मोरे (39 वर्ष)
प्रेम किसन सबनानी (50 वर्ष)
प्रज्ञा हरीश माईन (27 वर्ष)
रेश्मा शामराव वारंग (41 वर्ष)
सबीना हाफिज शेख (48 वर्ष)
पुलिस के मुताबिक, मामले में आगे की जांच जारी है और अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती, सह पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) मनोजकुमार शर्मा, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अभिनव देशमुख , पुलिस उपायुक्त दत्ता नलावड़े, सहायक पुलिस आयुक्त योगेश शिंदे के मार्गदर्शन में उक्त कार्रवाई अंधेरी पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक उमेश मचिंदर की टीम ने की है।


