■ स्कूली शिक्षा राज्यमंत्री पंकज भोयर से अभाविप प्रतिनिधिमंडल ने विभिन्न शैक्षणिक मुद्दों पर की विस्तृत चर्चा
मुंबई वार्ता संवाददाता

राज्य की स्कूली एवं कनिष्ठ महाविद्यालयीन शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के प्रतिनिधिमंडल ने मंत्रालय में स्कूली शिक्षा राज्यमंत्री पंकज भोयर से मुलाकात की। इस दौरान अभाविप ने पूर्व में सरकार के समक्ष प्रस्तुत किए गए 15 सूत्रीय ज्ञापन के साथ प्रवेश प्रक्रिया, शिक्षक भर्ती, संचमान्यता, मराठी स्कूलों के सशक्तीकरण, परीक्षा में होने वाली अनियमितताओं, निजी कोचिंग कक्षाओं और ऑनलाइन प्रक्रियाओं से जुड़ी समस्याओं पर विभिन्न सुझाव और मांगें रखीं।


अभाविप ने टीईटी सहित अन्य परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाओं की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। वर्ष 2016 में कोल्हापुर में हुई टीईटी प्रश्नपत्र लीक की घटना के संबंध में उपलब्ध जानकारी और उस मामले में की गई कार्रवाई का विस्तृत विवरण भी सरकार से मांगा गया।


प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि कक्षा 11वीं की प्रवेश प्रक्रिया शैक्षणिक वर्ष शुरू होने के बाद भी लंबे समय तक जारी रहने से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होती है। ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया से पारदर्शिता बढ़ी है, लेकिन तकनीकी समस्याओं, प्रवेश आवंटन में त्रुटियों और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को ऑनलाइन आवेदन करते समय होने वाली कठिनाइयों को दूर करने के लिए प्रभावी व्यवस्था जरूरी है। कक्षा 12वीं में प्रवेश तथा महाविद्यालय बदलने की प्रक्रिया को भी सरल बनाने की मांग की गई।


अभाविप ने स्पष्ट रूप से कहा कि कम छात्र संख्या के आधार पर मराठी और सरकारी स्कूलों को बंद करने के बजाय उनकी गुणवत्ता में सुधार किया जाना चाहिए। इसके लिए स्वतंत्र कार्ययोजना और विशेष कार्यदल गठित करने की मांग की गई। साथ ही शिक्षकों के रिक्त पद तत्काल भरने, टीईटी-टीएटी परीक्षाओं का निश्चित वार्षिक कार्यक्रम घोषित करने और ग्रामीण एवं दुर्गम क्षेत्रों की स्कूलों में आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग रखी गई।
स्कूल-कनिष्ठ महाविद्यालयों और निजी कोचिंग कक्षाओं के बीच होने वाले अनैतिक गठजोड़ पर नियंत्रण, इंटीग्रेटेड कोचिंग की फीस का नियमन तथा स्कूल-कॉलेज और कोचिंग कक्षाओं के समय में उचित अंतर रखने का मुद्दा भी बैठक में उठाया गया।
इसके अलावा संचमान्यता, आधार सत्यापन और यू-डायस पोर्टल से जुड़ी तकनीकी समस्याओं तथा शिक्षकों से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर भी चर्चा हुई। मुंबई और आसपास के कनिष्ठ महाविद्यालयों के प्राचार्यों के साथ अलग से संवाद आयोजित कर प्रवेश प्रक्रिया एवं शैक्षणिक मुद्दों पर चर्चा करने का प्रस्ताव भी रखा गया।
इस अवसर पर पश्चिम महाराष्ट्र प्रांत मंत्री अथर्व कुलकर्णी, देवगिरी प्रांत मंत्री वरुणराज नन्नवरे, कोकण प्रांत सहमंत्री शांतनू बिरोजे, मुंबई महानगर मंत्री अभिषेक पवार, मुंबई महानगर सहमंत्री सानिका जोशी और अलका यादव सहित अभाविप के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।


