मुंबई वार्ता संवाददाता

ओशिवरा पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में रहने वाला एक व्यक्ति बिना किसी सरकारी पद पर रहते हुए अपने इंस्टाग्राम (Instagram) आईडी से विज्ञापन पोस्ट कर रहा था कि “चोरी हुए या गुम हुए मोबाइल फोन बरामद करके दिए जाएंगे।” इस विज्ञापन को देखकर जिन लोगों के मोबाइल गुम हुए थे, वे उस विज्ञापन में दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क करते थे।
यह आरोपी संपर्क करने वाले लोगों को खुद को पुलिस विभाग में “इन्स्पेक्टर संजय” बताकर और झांसा देकर, उनके गुम हुए मोबाइल वापस दिलाने के नाम पर पैसे लेता था। इसके बाद वह गैरकानूनी तरीके से CDR (कॉल डिटेल रिकॉर्ड), SDR (सब्सक्राइबर डिटेल रिकॉर्ड) और लोकेशन आदि की जानकारी प्राप्त करता था। इस संबंध में मुंबई पुलिस के क्राइम ब्रांच (दहिसर – कक्ष 12) को गोपनीय सूचना मिली थी।


■ कार्रवाई और गिरफ्तारी:
प्राप्त जानकारी के आधार पर 22 जून 2026 को कक्ष-12 की टीम ने आयेशा टॉवर के प्रवेश द्वार के पास (एचपी पेट्रोल पंप के सामने, एस.वी. रोड, जोगेश्वरी पश्चिम, मुंबई) से उक्त आरोपी को हिरासत में लिया। उसके पास से जब्त दो मोबाइल फोन की जांच करने पर पता चला कि वह मोबाइल नंबरों के गैरकानूनी SDR, CDR और लोकेशन प्राप्त कर रहा था। इस आधार पर मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की गई।


■ जांच में हुए बड़े खुलासे:
गिरफ्तारी: मामले की जांच में कक्ष 12 की टीम ने गैरकानूनी डेटा मुहैया कराने वाली अपर लिंक (Upper Link) के कुल 09 आरोपियों की पहचान की, जिनमें से 05 आरोपियों को महाराष्ट्र, झारखंड और बिहार से गिरफ्तार किया जा चुका है।
■ पुलिसकर्मियों की संलिप्तता:
गिरफ्तार आरोपियों में से 2 आरोपी झारखंड और बिहार पुलिस बल में कांस्टेबल (सिपाही) के पद पर कार्यरत हैं।
लीक डेटा का विवरण: जांच के दौरान अब तक आरोपियों द्वारा:
50 से अधिक कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR)
520 से अधिक सब्सक्राइबर डिटेल रिकॉर्ड (SDR)
550 से अधिक मोबाइल नंबरों की लोकेशन
420 से अधिक IMEI नंबरों की जानकारी गैरकानूनी रूप से बेचे जाने का खुलासा हुआ है।
■ बरामदगी: आरोपियों के कब्जे से कुल 07 मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं।
■ मार्गदर्शन एवं पुलिस टीम:
यह सफल कार्रवाई पुलिस आयुक्त देवेन भारती, पुलिस सह आयुक्त (अपराध) अनिल कुंभारे, अपर पुलिस आयुक्त (अपराध) कृष्णकांत उपाध्याय, पुलिस उप आयुक्त (प्रकटीकरण-1) नवनाथ ढवले और सहायक पुलिस आयुक्त (डी-उत्तर) सुरेश मदने के मार्गदर्शन में की गई।
इसे वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संदीप येडे-पाटिल, पुलिस निरीक्षक बालासाहेब राऊत, पूजा खांडेकर, विजय रासकर, सहायक पुलिस निरीक्षक समीर मुजावर, युवराज चव्हाण, कैलास सोनावणे, पुलिस उप-निरीक्षक किरण कोते, अजय सावंत और उनकी पूरी पुलिस टीम ने अंजाम दिया।


