मुंबई वार्ता /श्रीश उपाध्याय

मुंबई महानगरपालिका (BMC) के स्कूलों के कक्षा 7वीं के विद्यार्थियों के लिए भाईंदर-उत्तन स्थित केशव सृष्टि में शैक्षणिक एवं पर्यावरण अध्ययन भ्रमण आयोजित करने के प्रस्ताव को लेकर विवाद शुरू हो गया है। इस एक दिवसीय भ्रमण में करीब 30,714 विद्यार्थियों को ले जाने की योजना है और इसके लिए महानगरपालिका ने लगभग 2.46 करोड़ रुपये खर्च का प्रस्ताव रखा है। प्रति विद्यार्थी करीब 802 रुपये खर्च आने का अनुमान है। जबकि मुंबई के किसी भी कोने से विद्यार्थियों को केशव सृष्टि तक मात्र 100 रुपये खर्च पर ले जाया जा सकता है। यह प्रस्ताव आगामी स्थायी समिति की बैठक में चर्चा के लिए रखा जाना है।


महानगरपालिका के शिक्षा विभाग के अनुसार, यह भ्रमण पर्यावरण शिक्षा एवं प्रशिक्षण के उद्देश्य से आयोजित की जाएगी। अक्टूबर 2026 से फरवरी 2027 के बीच विद्यार्थियों को एकदिवसीय दौरे पर केशव सृष्टि ले जाने की योजना है। यहां विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी जाएगी।


■ कचरा प्रबंधन से लेकर सौर ऊर्जा तक की जानकारी
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को कचरा प्रबंधन, बायोगैस निर्माण, वर्मी कंपोस्ट, पेपर और प्लास्टिक रिसाइक्लिंग, जल प्रबंधन, सौर ऊर्जा तथा जैव विविधता जैसे विषयों की जानकारी देने की योजना है। इसके अलावा जैविक खेती, डेयरी फार्मिंग, मधुमक्खी पालन और औषधीय पौधों से संबंधित गतिविधियों से भी विद्यार्थियों को परिचित कराया जाएगा।
महानगरपालिका के प्रस्ताव में केशव सृष्टि के हरित एवं प्राकृतिक वातावरण को विद्यार्थियों के लिए उपयोगी बताया गया है। यह परिसर 200 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैला होने और यहां विभिन्न प्रकार के पेड़-पौधों तथा पर्यावरण संबंधी गतिविधियों के संचालन का उल्लेख भी प्रस्ताव में किया गया है।
■ RSS से जुड़े परिसर में सहल कराने पर सवाल
हालांकि, केशव सृष्टि का संबंध राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े संस्थागत संदर्भों से होने के कारण इस स्थान का चयन राजनीतिक विवाद का मुद्दा बन गया है। केशव सृष्टि की पहचान डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार की स्मृति से जुड़े परिसर के रूप में भी की जाती है। इसी वजह से विपक्ष ने सवाल उठाया है कि महानगरपालिका स्कूलों के हजारों विद्यार्थियों के लिए इसी परिसर का चयन क्यों किया गया।
समाजवादी पार्टी के विधायक रईस शेख ने इस प्रस्ताव का विरोध करते हुए BMC आयुक्त अश्विनी भिडे को पत्र लिखा है। उन्होंने भ्रमण को तत्काल रद्द करने की मांग की है और आरोप लगाया है कि महानगरपालिका की शिक्षा व्यवस्था के कथित ‘भगवाकरण’ का प्रयास किया जा रहा है। उनका कहना है कि महानगरपालिका प्रशासन को संविधान के धर्मनिरपेक्ष मूल्यों को ध्यान में रखते हुए ऐसे स्थान का चयन करना चाहिए।
■ स्थायी समिति में होगी प्रस्ताव पर चर्चा
अब 2.46 करोड़ रुपये के खर्च वाले इस प्रस्ताव पर स्थायी समिति में चर्चा होगी। प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी मिलने से पहले खर्च, विद्यार्थियों की संख्या और भ्रमण के लिए केशव सृष्टि के चयन सहित विभिन्न पहलुओं पर विचार किया जाएगा। फिलहाल BMC का कहना है कि भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को पर्यावरण और शैक्षणिक गतिविधियों का प्रत्यक्ष अनुभव देना है, जबकि विपक्ष ने स्थान के चयन और खर्च दोनों पर सवाल उठाए हैं।


