मुंबई वार्ता संवाददाता

NEET 2026 पेपर लीक मामले को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार गुट) ने केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) पर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने पूरे देश में पुनर्परीक्षा कराने के फैसले को छात्रों के साथ अन्याय बताते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan के इस्तीफे की मांग की है।


पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता और युवक मुंबई अध्यक्ष एडवोकेट अमोल मातेले ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि देशभर के 22 लाख 79 हजार छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। उनका आरोप है कि जिन परीक्षा केंद्रों पर पेपर लीक, कॉपी या अन्य गड़बड़ियां हुईं, केवल उन्हीं केंद्रों पर पुनर्परीक्षा ली जानी चाहिए थी, लेकिन सरकार ने अपनी विफलता छिपाने के लिए पूरे देश के छात्रों पर दोबारा परीक्षा का बोझ डाल दिया।
उन्होंने कहा कि 3 मई को आयोजित परीक्षा में हुई गड़बड़ियों के बाद सरकार दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय छात्रों को फिर से मानसिक दबाव और प्रतिस्पर्धा में धकेल रही है। पार्टी का कहना है कि वर्षों की मेहनत, कोचिंग और आर्थिक बोझ उठाने वाले छात्रों को सरकार की लापरवाही की सजा नहीं मिलनी चाहिए।
प्रेस बयान में कहा गया कि “डिजिटल इंडिया” की बात करने वाली सरकार एक राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा सुरक्षित तरीके से आयोजित नहीं कर पाई। पार्टी ने सवाल उठाया कि जब पेपर सिस्टम फेल हुआ तो छात्रों को दोबारा परीक्षा देने के लिए क्यों मजबूर किया जा रहा है।
एनसीपी (शरद पवार गुट) ने NTA को पूरी तरह विफल संस्था बताते हुए उसे तत्काल भंग करने की मांग की है। साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग भी की गई है।
पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि छात्रों के भविष्य के साथ इस तरह खिलवाड़ जारी रहा तो देशभर में बड़ा जनआंदोलन खड़ा किया जाएगा। बयान में कहा गया कि छात्रों को न्याय दिलाने के लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी सड़कों पर उतरने से पीछे नहीं हटेगी।


