PIT-NDPS के तहत ड्रग तस्कर हारून फारुख खान एक वर्ष के लिए येरवडा जेल में नजरबंद।

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श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

बृहन्मुंबई पुलिस की एंटी नारकोटिक्स सेल (अमली पदार्थ विरोधी कक्ष) ने PIT-NDPS अधिनियम के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए ड्रग तस्करी में लिप्त आरोपी हारून फारुख खान (41) को एक वर्ष के लिए येरवडा केंद्रीय कारागृह, पुणे में नजरबंद कर दिया है।


पुलिस के अनुसार, आजाद मैदान यूनिट, एंटी नारकोटिक्स सेल, मुंबई ने वर्ष 2024 में दर्ज एक मामले में हारून फारुख खान को गिरफ्तार किया था। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8(क), 22(ब) और 29 के तहत मामला दर्ज किया गया था। जांच में सामने आया कि आरोपी चेंबूर इलाके में मादक पदार्थों की तस्करी में सक्रिय था और उसके खिलाफ कुल छह गंभीर मामले दर्ज हैं।


पुलिस ने बताया कि आरोपी जमानत पर रिहा होने के बाद फिर से ड्रग्स कारोबार में सक्रिय हो गया था। इसे देखते हुए पुलिस आयुक्त बृहन्मुंबई के निर्देश पर PIT-NDPS एक्ट 1988 के तहत नजरबंदी की कार्रवाई का प्रस्ताव महाराष्ट्र शासन के गृह विभाग को भेजा गया था। गृह विभाग से मंजूरी मिलने के बाद आरोपी को हिरासत में लेकर 27 मई 2026 को येरवडा जेल भेज दिया गया।


एंटी नारकोटिक्स सेल के अनुसार, वर्ष 2026 में PIT-NDPS एक्ट के तहत यह आठवीं नजरबंदी की कार्रवाई है। अब तक सात अन्य आरोपियों को भी इसी कानून के तहत जेल भेजा जा चुका है।
हारून फारुख खान के खिलाफ मुंबई के विभिन्न पुलिस थानों में एनडीपीएस एक्ट के तहत कई मामले दर्ज हैं, जिनमें आजाद मैदान यूनिट, भोईवाड़ा पुलिस थाना, विनोबा भावे नगर पुलिस थाना और कोपर खैरणे पुलिस थाना के मामले शामिल हैं।


यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त देवेन भारती, सह पुलिस आयुक्त (गुन्हे) अनिल कुंभारे, अपर पुलिस आयुक्त कृष्णकांत उपाध्याय, पुलिस उपायुक्त नवनाथ धवले तथा एंटी नारकोटिक्स सेल की टीम के मार्गदर्शन में की गई। कार्रवाई में एंटी नारकोटिक्स सेल की आज़ाद मैदान यूनिट के पुलिस निरीक्षक शैलेश सूर्यवंशी की टीम ने महत्पूर्ण भूमिका निभाई है।

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