पश्चिम रेलवे की सुविधा देने की तैयारी बना परेशानी का सबब

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  • मालाड रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की बढ़ी परेशानी

मुंबई (सं. भा.) सरकारी महकमा द्वारा किए गए सुविधाजनक काम भी कई बार लोगों के लिए परेशानी का सबब बन जाया करता है। मालाड रेलवे स्टेशन का हल भी फिलहाल कुछ ऐसा ही है।
यात्रियों की सुविधा के लिए मालाड में पांचवीं लाइन से लोकल सेवा शुरू कर दी गई है। इसके लिए स्टेशन के प्लेटफॉर्म में बदलाव किया गया है। पहले की ही तरह प्लेटफॉर्म नंबर एक (नया) से बोरीवली की तरफ और प्लेटफॉर्म नंबर दो से चर्चगेट की ओर लोकल रवाना होती है। दिक्कत यह है कि बोरीवली या विरार लोकल पकड़ने के लिए अब लोगों को पुल चढ़ना-उतरना पड़ता है। इसी तरह से मालाड पूर्व या पश्चिम आने- जानेवालों के लिए भी पुल चढ़ने की मजबूरी हो गई है। पहले बोरीवली जानेवाली ट्रेन से एक नंबर प्लेटफॉर्म पर उतर कर लोग बाईं तरफ सीधे बाहर निकल जाते थे। पुल संकरा होने के कारण उस पर हमेशा भीड़ रहती है। सुबह-शाम इस पुल से आना- जाना महिलाओं के लिए आसान नहीं है। एस्केलेटर जरूर लगाया गया है। मगर एस्केलेटर से उतरने के बाद चर्चगेट की ओर जाने वाली लोकल पड़कने के लिए यात्रियों को डेढ़ सौ से 200 मीटर आगे चलना पड़ता है। प्लेटफॉर्म-2 के आधे हिस्से की ऊंचाई कम है। लोकल खड़ी होने पर प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच चौड़ा गैप होने से कभी भी हादसा हो सकता है। युवा तो दौड़ कर लोकल में सवार हो लेते हैं। मगर बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्ग परेशान होते हैं।
यह कहने में संकोच नहीं कि पश्चिम रेलवे की नई व्यवस्था के चलते मालाड से रोजाना आने- जानेवाले हजारों लोग परेशान हैं।

इस तरह से बदली है मालाड स्टेशन की यात्री व्यवस्था

>> प्लेटफॉर्म 1 पर बोरीवली की ओर जानेवाली धीमी लोकल रुकती है। पहले यात्री बाईं तरफ से चढ़ते-उतरते थे। अब इसी ट्रेन में दाईं तरफ (पूर्व) से चढ़ना- उतरना पड़ता है।

>> प्लेटफॉर्म 2 पर अंधेरी-चर्चगेट की ओर जानेवाली ट्रेन आती हैं। पहले यात्री बाईं तरफ (पूर्व) से ट्रेन में चढ़ते-उतरते थे। अब इन लोकल के यात्री दाईं तरफ (पश्चिम) से चढ़ते या उतरते हैं।

>> प्लेटफॉर्म नंबर 3 पर बोरीवली-विरार जानेवाली फास्ट लोकल आती हैं। इसी तरह प्लेटफॉर्म चार पर चर्चगेट की तरफ जानेवाली फास्ट लोकल आती हैं।

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