‘SIR के नाम पर CJP का आंदोलन अराजकता का व्याकरण’, आशिष शेलार ने विपक्ष पर साधा निशाना।

Date:

मुंबई वार्ता संवाददाता

मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया (SIR) को लेकर भाजपा नेता और महाराष्ट्र के सांस्कृतिक कार्य मंत्री एडवोकेट आशिष शेलार ने विपक्ष और आंदोलन कर रहे संगठनों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने SIR की प्रक्रिया पारदर्शी तरीके और निर्धारित कार्यप्रणाली के अनुसार घोषित की है। राजनीतिक दलों और नागरिकों को भी इसकी जानकारी दी गई है। ऐसे में SIR के नाम पर आंदोलन करने का कोई संवैधानिक आधार नहीं है।


भाजपा प्रदेश कार्यालय में शुक्रवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में शेलार ने कहा कि आंदोलनजीवी ‘CJP’ का आंदोलन “अराजकता का व्याकरण” है। इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष केशव उपाध्ये, प्रदेश मुख्य प्रवक्ता नवनाथ बन, मुख्यालय प्रभारी रविंद्र अनासपुरे और सह-मीडिया प्रमुख ओमप्रकाश चौहान मौजूद थे।

■ चुनाव आयोग ने पूरी प्रक्रिया स्पष्ट की: शेलार


SIR प्रक्रिया पर शेलार ने कहा कि चुनाव आयोग ने इसका पूरा कार्यक्रम और कार्यप्रणाली स्पष्ट कर दी है। सभी राजनीतिक दलों को इसकी जानकारी दी गई है। आवेदन, दावे-आपत्तियां, सुनवाई और आवश्यक दस्तावेजों से संबंधित प्रक्रिया भी स्पष्ट की गई है। आयोग ने मीडिया के माध्यम से आम नागरिकों को भी इसकी जानकारी दी है। इसके बावजूद कुछ राजनीतिक दल और संगठन आंदोलन का रास्ता क्यों अपना रहे हैं, यह सवाल है।
उन्होंने कहा कि किसी प्रक्रिया को लेकर आपत्ति हो तो उसे संवैधानिक और कानूनी तरीके से उठाया जा सकता है। चुनाव आयोग के समक्ष अपना पक्ष रखने के साथ न्यायालय का रास्ता भी खुला है। ऐसे में आंदोलन के जरिए माहौल बनाने की कोशिश क्यों की जा रही है?

■ ‘किसी पात्र मतदाता का नाम न कटे, इसकी व्यवस्था’


शेलार ने कहा कि SIR के दौरान किसी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से बाहर न हो, इसके लिए आवश्यक प्रक्रिया निर्धारित की गई है। जिन मतदाताओं के नाम पर आपत्ति होगी, उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि लाखों प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों के माध्यम से चल रही चुनावी प्रक्रिया को लेकर जनता के मन में भ्रम पैदा करने का प्रयास न किया जाए।


कांग्रेस समेत कुछ राजनीतिक दल लगातार भाजपा और सरकार पर इस मुद्दे को लेकर आरोप लगा रहे हैं। इस पर शेलार ने कहा कि चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है और उसकी प्रक्रिया पर सवाल उठाते समय उपलब्ध संस्थागत माध्यमों का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

■ आंबेडकर के संवैधानिक मार्ग का हवाला


शेलार ने संविधान सभा में 25 नवंबर 1949 को डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के भाषण का उल्लेख करते हुए कहा कि आंबेडकर ने संवैधानिक मार्गों के महत्व को रेखांकित किया था। उनके अनुसार, संवैधानिक रास्ते उपलब्ध होने के बावजूद असंवैधानिक रास्ते अपनाना अराजकता को बढ़ावा देने जैसा है। मौजूदा परिस्थिति में बाबासाहेब के इन विचारों को याद करने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में आंदोलन करने का अधिकार है, लेकिन आंदोलन के माध्यम से संवैधानिक संस्थाओं के प्रति अविश्वास पैदा करना उचित नहीं है। SIR को लेकर किसी को आपत्ति है तो वह अपनी आपत्ति दर्ज कराए, लेकिन इसके लिए उपलब्ध संवैधानिक प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए।

■ ‘भाजपा जीतती है तो ही चुनाव आयोग पर सवाल क्यों?’


शेलार ने आगे आरोप लगाया कि जब भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की चुनाव प्रक्रिया और सरकार की प्रशंसा होती है, तब विपक्ष आंदोलन के जरिए देश की छवि खराब करने का प्रयास करता है। उन्होंने दावा किया कि भारत की चुनाव प्रक्रिया की अमेरिकी राष्ट्रपति ने प्रशंसा की है और 22 देशों के प्रतिनिधियों ने भी भारत की चुनाव प्रणाली की सराहना की है।


उन्होंने विपक्ष पर राजनीतिक दोहरे मापदंड का आरोप लगाते हुए कहा कि जहां विपक्ष चुनाव जीतता है, वहां चुनाव आयोग पर सवाल नहीं उठाए जाते, लेकिन भाजपा के जीतने पर चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठाए जाते हैं।
शेलार ने कहा कि शिवाजी पार्क में अपने राजनीतिक एजेंडे के लिए प्रस्तावित आंदोलन उनके अनुसार असंवैधानिक है। उन्होंने कहा कि ‘CJP’ के माध्यम से जनता को न्याय नहीं मिल सकता और SIR से संबंधित आपत्तियों के लिए संवैधानिक प्रक्रिया का ही इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

प्रमुख खबरे

More like this
Related

मुंबई में वायु प्रदूषण पर BMC का एक्शन प्लान-2026, हर वार्ड में कम से कम 10 हॉटस्पॉट चिन्हित होंगे।

श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता मुंबई में बढ़ते वायु प्रदूषण...