अजित पवार और धर्मरावबाबा आत्रम के नेतृत्व में 400 से अधिक लोगों ने थामा एनसीपी का दामन।

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■ मुंबई में भव्य पक्ष प्रवेश समारोह; आदिवासी क्षेत्रों में पार्टी के विस्तार को मिली नई गति।

मुंबई वार्ता/हरीशचंद्र पाठक

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला जब गढ़चिरौली और चंद्रपुर जिलों से 400 से अधिक सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने मुंबई में आयोजित भव्य पक्ष प्रवेश समारोह में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) की सदस्यता ग्रहण की। यह आयोजन नरीमन पॉइंट स्थित महिला विकास मंडल में संपन्न हुआ, जहां महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित दादा पवार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

इस कार्यक्रम में वरिष्ठ नेता नवाब मलिक, एनसीपी राज्य अध्यक्ष सुनील तटकरे, पूर्व कैबिनेट मंत्री और वर्तमान विधायक धर्मरावबाबा आत्रम, तथा विधायक शिवाजीराव गर्जे सहित कई अन्य प्रमुख नेता मंच पर मौजूद थे। समारोह में पार्टी के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।यह पक्ष प्रवेश कार्यक्रम आगामी जिला परिषद और नगरपालिका चुनावों से पूर्व विदर्भ में पार्टी के प्रभाव के विस्तार को दर्शाता है।

शामिल हुए लोग मुख्य रूप से आदिवासी और दुर्गम क्षेत्रों से हैं, जिनका झुकाव एनसीपी की ओर एक राजनीतिक परिवर्तन की दिशा को स्पष्ट करता है।

कार्यक्रम का आयोजन विधायक धर्मरावबाबा आत्रम के नेतृत्व और मार्गदर्शन में हुआ, जो गढ़चिरौली क्षेत्र में जनहित कार्यों, रोजगार सृजन और सामाजिक समर्पण के लिए पहचाने जाते हैं।

पार्टी में शामिल हुए प्रमुख नामों में शामिल हैं:नितेश नरोटे, लक्ष्मण वेलादी, स्वामी गोदारी, चंद्रया दुर्गम, सत्यम पिडगु, महेश आडे, दीपक शंकरलाल जायसवाल, निलेश शामरावजी मानकर, राहुल अंकुश देवतले, श्रीमती नूतन रेवतकर, क्रिश्तय्या रंगय्या पोरतेट, शेख फरजाना इफ्तिखार, शेख अब्दुल रऊफ अब्दुल गफ्फार, शैलेन्द्र पटवर्धन, विलास सिडाम, नवरास शेख, ज्योति ताई सडमेक, सुरीह नाना जंगा, प्रमोद वैद्य, अनिल केरामी, वैशाली ताट पल्लीवार, बौद्ध कुमार लोनारे और नामदेव उडान।

इस अवसर पर एक वरिष्ठ नवप्रवेशी ने कहा, “हमने धर्मरावबाबा आत्रम जी को जनता की सेवा में निस्वार्थ रूप से कार्य करते हुए देखा है। उन्होंने न केवल गढ़चिरौली में विकास की रोशनी पहुंचाई, बल्कि हजारों युवाओं को रोजगार भी दिलाया। अजित दादा पवार और महायुति सरकार की नीतियों से प्रेरित होकर हमने एनसीपी से जुड़ने का निर्णय लिया है।”

कार्यक्रम में धर्मरावबाबा आत्रम के संघर्षों और जनसेवा की चर्चा भी विशेष रूप से हुई। वे ऐसे नेता हैं, जिन्हें नक्सलियों ने 17 दिनों तक बंधक बनाकर रखा था। इस अनुभव से उबरने के बाद उन्होंने जनकल्याण के मार्ग को अपनाया और गढ़चिरौली में लगभग 5000 परिवारों को माइनिंग सेक्टर में रोजगार दिलाया। आज भी वे निरंतर अपने क्षेत्र के लोगों के लिए काम कर रहे हैं।

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