मुंबई वार्ता संवाददाता

अमरावती जिला महिला अस्पताल में आग लगने से तीन नवजात बच्चों की मौत की घटना बेहद पीड़ादायक और आक्रोश पैदा करने वाली है। भंडारा के अस्पताल में भी ऐसी ही घटना के बाद राज्य के सभी अस्पतालों का फायर ऑडिट कराने के आदेश सरकार ने दिए थे। उसका क्या हुआ और किस तरह फायर ऑडिट किया गया? इन अग्निकांडों से जुड़े सभी लोगों की गहन जांच कर दोषियों को कड़ी सजा दी जानी चाहिए, ऐसी मांग महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने की है।


मीडिया से बातचीत करते हुए कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि एक तरफ गर्भपात रोकने के लिए अभियान चलाए जाते हैं, वहीं दूसरी तरफ नवजात बच्चों की जलकर मौत हो जाती है। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। राज्य में सरकार, प्रशासन और कानून का कोई डर ही नहीं रह गया है। केवल दादागिरी और सत्ता का अहंकार चल रहा है। महाराष्ट्र का स्वास्थ्य मंत्री कौन है, यह तक राज्य की जनता को पता नहीं है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सिर्फ बड़ी-बड़ी बातें करते हैं। अमरावती अग्निकांड में नवजात बच्चों की जलकर मौत हुई है और इसके लिए भाजपा सरकार ही जिम्मेदार है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को इस घटना की जिम्मेदारी लेकर इसका प्रायश्चित करना चाहिए।


■ त्योहारों के मौसम में चीनी महंगी
राज्य में इस समय त्योहारों का मौसम है और चीनी के दाम आसमान छू रहे हैं। 40 रुपये किलो की चीनी अचानक 80 रुपये किलो तक पहुंच गई है और इसके 100 रुपये किलो तक जाने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। इस महंगाई के लिए भाजपा सरकार की नीतियां ही जिम्मेदार हैं। सरकार का महंगाई पर कोई नियंत्रण नहीं है। मुट्ठीभर उद्योगपतियों का भला करना ही भाजपा सरकार का काम रह गया है। आम जनता महंगाई की मार झेल रही है, लेकिन सरकार को इसकी कोई चिंता नहीं है। 60 रुपये का पेट्रोल 110 रुपये हो गया, 450 रुपये का सिलेंडर 1,000 रुपये तक पहुंच गया और उसी तरह चीनी भी महंगी हो गई है, लेकिन सरकार अब भी सोई हुई है।
■ देवेंद्र फडणवीस के बेतुके बयान
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘बोलघेवड़ा’ कहना था, लेकिन उन्होंने राहुल गांधी का नाम ले लिया। ‘न खाऊंगा, न खाने दूंगा’, हर व्यक्ति के खाते में 15 लाख रुपये जमा करने, हर साल 2 करोड़ रोजगार देने, किसानों की आय दोगुनी करने और 100 स्मार्ट सिटी बनाने जैसे वादे नरेंद्र मोदी ने किए थे। यानी बोलघेवड़ापन तो मोदी ने किया था।इसके विपरीत राहुल गांधी ने कोरोना संकट, नोटबंदी के कारण देश को हुए आर्थिक नुकसान, ऑपरेशन सिंदूर और अमेरिका के दबाव के सामने मोदी सरकार के झुकने जैसे मुद्दों को लेकर जो बातें कही थीं, वे समय की कसौटी पर पूरी तरह सही साबित हुई हैं। लेकिन फडणवीस ने ‘वड़्याचे तेल वांग्यावर काढले’ यानी अपनी नाराजगी का ठीकरा राहुल गांधी पर फोड़ दिया।वास्तव में राहुल गांधी का पुणे में आयोजित कार्यक्रम बेहद सफल रहा। भाजपा ने भाड़े के कार्यकर्ताओं के माध्यम से हिंसा फैलाने का प्रयास किया, इसके बावजूद कार्यक्रम को जबरदस्त सफलता मिली। इससे भाजपा के पैरों तले की जमीन खिसक गई है और इसी वजह से फडणवीस बेतुके बयान दे रहे हैं।
उन्होंने कहा है कि पैसे देकर भीड़ जुटाने की जांच की जाएगी। तो वे खुशी से जांच करें, सरकार उन्हीं की है, ऐसा सपकाल ने कहा।
■ फडणवीस छात्राओं से माफी मांगें
कांग्रेस नेता एवं सांसद राहुल गांधी के पुणे में छात्राओं के लिए आयोजित विशेष ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को केवल पुणे ही नहीं, बल्कि पूरे महाराष्ट्र की छात्राओं का जबरदस्त प्रतिसाद मिला। इससे बौखलाए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ‘पैसे देकर छात्राओं की भीड़ जुटाई गई’ जैसा बेबुनियाद और जहरीला आरोप लगाकर सावित्री की बेटियों का घोर अपमान किया है।छात्राओं का अपमान करने वाले मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए, ऐसा भी हर्षवर्धन सपकाल ने कहा।


