मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई के मालाड स्थित कुरार इलाके के कोकणी माता मंदिर में आज भव्य जलाभिषेक और रुद्राभिषेक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। धार्मिक आस्था से जुड़े इस कार्यक्रम में सैकड़ों श्रद्धालुओं और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान भगवान भोलेनाथ और कोकणी माता का विभिन्न पवित्र नदियों के जल से विधिवत जलाभिषेक एवं रुद्राभिषेक किया गया।यह कार्यक्रम कोकणी माता मंदिर बचाओ समिति के तत्वावधान में आयोजित किया गया।


समिति की ओर से मंदिर की पात्रता हासिल होने के बाद अब विकासक के साथ हुए एमओयू के अनुसार मंदिर के लिए निर्धारित पूरे निर्माण क्षेत्र का अधिकार हासिल करने की मांग को लेकर अपनी एकजुटता प्रदर्शित की गई।


■ 1500 वर्ग फुट क्षेत्र का अधिकार देने की मांग
समिति के अनुसार, SRA प्रशासन द्वारा कोकणी माता मंदिर को पात्र घोषित किया जाना मंदिर के अधिकारों की लड़ाई में पहला महत्वपूर्ण कदम है। अब समिति की मांग है कि विकासक के साथ हुए एमओयू के अनुसार मंदिर के लिए निर्धारित 1500 वर्ग फुट के हॉल और ऑफिस का पूरा अधिकार सुनिश्चित किया जाए।
समिति का कहना है कि जब तक एमओयू के अनुसार पूरा निर्माण कार्य पूरा नहीं होता और निर्धारित क्षेत्र नागरिकों एवं मंदिर को नहीं सौंपा जाता, तब तक मंदिर के अधिकारों को लेकर उनका अभियान जारी रहेगा।
■ धार्मिक आयोजन में नेताओं और गणमान्य लोगों की मौजूदगी
कार्यक्रम में विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक और स्थानीय गणमान्य लोगों ने भी उपस्थिति दर्ज कराई। इसमें विधायक सुनील प्रभु, भाजपा विधायक संजय उपाध्याय, भाजपा महाराष्ट्र उत्तर भारतीय मोर्चा अध्यक्ष संजय पांडे, शिवसेना नेता संजय निरुपम, दिंडोशी विधानसभा प्रमुख एवं निरीक्षक वैभव भंडारकर, शिवसेना (UBT) प्रवक्ता आनंद दुबे, शिवसेना नेता अमोल कीर्तिकर तथा समाजसेवक गौरीशंकर चौबे सहित कई लोग शामिल हुए।
इसके अलावा सुहाष वाडकर, जयकांत शुक्ला, हरिहर यादव और राजेश दुबे सहित अन्य पदाधिकारी और स्थानीय प्रतिनिधि भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।वहीं, कोकणी माता मंदिर बचाओ समिति के अध्यक्ष दिलेश किरने और SRA सोसायटी के चीफ प्रमोटर विष्णु सावंत सहित समिति के अन्य पदाधिकारियों ने भी कार्यक्रम में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया।
■ ‘पात्रता मिलना लड़ाई का पहला कदम’
कार्यक्रम के दौरान समिति की ओर से विनोद मिश्रा ने कहा कि मंदिर की पात्रता हासिल होना उनकी लड़ाई का पहला महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि एमओयू के अनुसार जब तक पूरा निर्माण कार्य नहीं होता और मंदिर का निर्धारित क्षेत्र उन्हें नहीं सौंपा जाता, तब तक कोकणी माता मंदिर बचाओ समिति का साझा प्रयास जारी रहेगा।
■ आस्था के साथ अधिकारों की लड़ाई का संकल्प
जलाभिषेक और रुद्राभिषेक के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान शिव और कोकणी माता का आशीर्वाद लिया। इसके साथ ही मंदिर को बचाने और उसके अधिकारों की रक्षा के अभियान को मजबूती देने का संकल्प भी दोहराया गया।कुल मिलाकर, कुरार के कोकणी माता मंदिर में आयोजित यह धार्मिक कार्यक्रम केवल आस्था का आयोजन नहीं रहा, बल्कि मंदिर के अधिकारों और निर्धारित निर्माण क्षेत्र को लेकर चल रहे अभियान का भी महत्वपूर्ण मंच बना। समिति और स्थानीय नागरिकों ने एकजुट होकर मंदिर के अधिकारों को सुरक्षित करने की मांग को दोहराया।


