राजन बलसाने /मुंबई वार्ता

उल्हासनगर की फॉरवर्ड लाइन पर ट्रैफिक पुलिस ने एक ही नंबर के दो रिक्शा चलते हुए पकड़े, जिससे फर्जीवाड़े का बड़ा मामला सामने आया।
जांच में पाया गया कि एक रिक्शा चालक ने कानूनी कार्रवाई के डर से अपने रिक्शे का नंबर बदल दिया था और पिछले छह महीने से इसी नकली नंबर के साथ सवारी ढो रहा था। इस दौरान असली रिक्शा चालक को 4 हजार,500 रूपए का जुर्माना भी भरना पड़ा, जबकि गलती डुप्लीकेट रिक्शा चालक की थी।
ट्रैफिक पुलिस ने दोनों रिक्शा चालकों को हिरासत में लेकर रिक्शा जब्त कर लिया और आगे की जांच के लिए स्थानीय पुलिस थाने को सौंप दिया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह सिर्फ एक व्यक्ति द्वारा किया गया अपराध था या किसी बड़े फर्जीवाड़े का हिस्सा।
शहर में इस तरह के मामलों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ट्रैफिक पुलिस सतर्कता बढ़ाने की तैयारी कर रही है।यातायात विभाग के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अविनाश भामरे ने जनता से अपील की है कि यदि किसी वाहन चालक को डुप्लीकेट नंबर वाला कोई वाहन दिखाई दे, तो तुरंत पुलिस से संपर्क करें। उन्होंने कहा कि इस तरह के फर्जीवाड़े को रोकने के लिए नागरिकों का सहयोग जरूरी है, ताकि ट्रैफिक नियमों का सही से पालन हो और किसी निर्दोष व्यक्ति पर गलत जुर्माना न लगे।


