मुंबई वार्ता संवाददाता

महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने एमपीएससी ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा के कथित पेपर लीक मामले को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार अपने कार्यकाल में एक भी परीक्षा पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से आयोजित नहीं करा पा रही है। उन्होंने कहा कि नीट और टीईटी के बाद अब एमपीएससी परीक्षा का प्रश्नपत्र भी परीक्षा से पहले व्हाट्सएप पर वायरल होने की शिकायतें सामने आई हैं।


सपकाल ने कहा कि लगातार हो रही पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों की उम्मीदों को तोड़ दिया है। उनका आरोप है कि सरकार और संबंधित एजेंसियां इस गंभीर मुद्दे पर केवल लीपापोती कर रही हैं, जबकि छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों में तत्काल और सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।


उन्होंने कहा कि टीईटी परीक्षा परिणामों में कथित अनियमितताओं और एमपीएससी पेपर लीक की शिकायतों के बावजूद सरकार और संबंधित संस्थाएं स्पष्ट जवाब देने से बच रही हैं। सपकाल ने सवाल उठाया कि पेपर लीक का यह कथित रैकेट किसके संरक्षण में चल रहा है और सरकार बताए कि इसके पीछे किसका हाथ है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि युवाओं के भविष्य के साथ इसी तरह खिलवाड़ होता रहा तो यही युवा भाजपा सरकार को सत्ता से बाहर कर देंगे।
■ शालार्थ घोटाले का भी किया उल्लेख
कांग्रेस नेता ने भाजपा पर शिक्षा व्यवस्था को भ्रष्टाचार का अड्डा बनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि 160 करोड़ रुपये के कथित शालार्थ घोटाले में भाजपा नेता संजय गरुड की गिरफ्तारी यह बताती है कि शिक्षा क्षेत्र में भ्रष्टाचार किस स्तर तक पहुंच गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि फर्जी शालार्थ आदेशों के आधार पर 841 शिक्षकों और कर्मचारियों का अवैध पंजीकरण कर सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचाया गया।
■ एमएसएमई उद्योग बंद होने पर सरकार को घेरा
हर्षवर्धन सपकाल ने राज्य की औद्योगिक स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2023 से 2026 के बीच महाराष्ट्र में 28,764 सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (MSME) बंद हो चुके हैं, जो देश में सबसे अधिक हैं। उनके अनुसार बढ़ती उत्पादन लागत, वित्तीय सहायता की कमी, भ्रष्ट प्रशासन और कानून-व्यवस्था की समस्याओं के कारण उद्योग बंद हो रहे हैं, जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार प्रभावित हुआ है।
उन्होंने कहा कि एक ओर शिक्षा व्यवस्था पेपर लीक और अव्यवस्था से प्रभावित है, वहीं दूसरी ओर रोजगार के अवसर भी लगातार घट रहे हैं। ऐसे में राज्य के युवाओं का भविष्य गंभीर संकट में है और इसके लिए भाजपा सरकार की नीतियां जिम्मेदार हैं।
कांग्रेस ने मांग की कि पेपर लीक के सभी मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए तथा युवाओं के भविष्य और रोजगार की सुरक्षा के लिए सरकार ठोस कदम उठाए।


