एम एस एम ई के लिए गेमचेंजर साबित होगा क्रेडिट कार्ड : शंकर ठक्कर.

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मुंबई वार्ता संवाददाता

●छोटे व्यापारियों के लिए लाभ का सौदा साबित होगी यह योजना

●उद्यम पोर्टल पर पंजीकृत 10 लाख एमएसएमई को मिलेंगे क्रेडिट कार्ड

कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय मंत्री एवं अखिल भारतीय खाद्य तेल व्यापारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शंकर ठक्कर ने बताया कि शनिवार को संसद में पेश किए गए बजट में एमएसएमई के लिए कई एलान किए गए हैं। इसमें MSME के लिए क्रेडिट कार्ड की शुरुआत की बात कही गई। माना जा रहा है कि एमएसएमई के क्षेत्र में एक गेम चेंजर साबित हो सकता है।

नए एलान के तहत सूक्ष्म उद्यमों को 10 लाख क्रेडिट कार्ड जारी करना है जिनमें से प्रत्येक की सीमा पांच लाख रुपये होगी।सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के लिए क्रेडिट कार्ड की शुरुआत एक परिवर्तनकारी कदम होने की उम्मीद है, जो वित्त तक आसान पहुंच प्रदान करेगा। हालांकि, ऋण वितरण प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना होगा जिससे वित्तीय लाभों की व्यवसायों तक पहुंच सुनिश्चित हो सके।वित्तीय सहायता, डिजिटलीकरण और क्षेत्र-विशिष्ट पहलों पर जोर देने के लिए केंद्रीय बजट 2025 का एमएसएमई क्षेत्र ने व्यापक रूप से स्वागत किया है।

सबसे महत्वपूर्ण घोषणाओं में से एक सूक्ष्म उद्यमों को 10 लाख क्रेडिट कार्ड जारी करना है, जिनमें से प्रत्येक की सीमा पांच लाख रुपये है।यह कदम वित्तीय समावेशन को बढ़ाएगा और छोटे व्यवसायों के लिए तरलता की चुनौतियों को कम करेगा। शंकर ठक्करने उद्यम पोर्टल पर पंजीकृत सूक्ष्म उद्यमों के लिए क्रेडिट कार्ड पहल को गेम चेंजर कहा है इसलिए ज्यादा से ज्यादा लोग उद्यम पोर्टल पर अपना पंजीकरण करवा ये।छोटे व्यवसायों के लिए वित्तीय पहुंच एक चुनौती बनी हुई है और यह कदम उनकी कार्यशील पूंजी की बाधाओं को काफी हद तक कम करेगा।

सूक्ष्म उद्यमों के लिए पांच लाख रुपये की सीमा वाले 10 लाख क्रेडिट कार्ड की घोषणा उद्यम पोर्टल में पंजीकृत उद्यमों के लिए बहुत जरूरी वित्त की उपलब्धता के लिए एक बड़ा बढ़ावा है। इसके अतिरिक्त, बजट ने सूक्ष्म उद्यमों के लिए ऋण गारंटी कवर को पांच करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये कर दिया है। इस कदम से अगले पांच वर्षों में 1.5 लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त ऋण मिलने की उम्मीद है।इन सकारात्मक कदमों के बावजूद ऋण तक समय पर पहुंच सुनिश्चित करना एक चुनौती बनी हुई है।ऋण वितरण प्रक्रिया में नौकरशाही बाधाओं को कम करने की आवश्यकता बताई है।

ये उपाय आशाजनक हैं, लेकिन एमएसएमई के सामने आने वाली लगातार चुनौतियों का समाधान करना महत्वपूर्ण है। समय पर और किफायती ऋण तक पहुँच कई छोटे व्यवसायों के लिए एक बाधा बनी हुई है।गौरतलब है कि एमएसएमई के तहत सूक्ष्म उद्यमियों को तीन लाख रुपये लोन देने की सुविधा है। हालांकि, अब से उद्यम पोर्टल रजिस्टर हैं, उन्हें पांच लाख रुपये की लिमिट वाला क्रेडिट कार्ड मिल सकेगा। सरकार की योजना है कि ऐसे 10 लाख क्रेडिट कार्ड जारी किए जाएं।

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