कोरोना- अब खतरनाक नही है।

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डाॅ धीरज फूलमती सिंह /स्तंभकार/मुंबई वार्ता

आप साल 2020 और 2021 की भयावहता तो भूले नही होगे ? जब दुनिया को एक अंजान अदने से वायरस ने दहशत जदा कर दिया था। जी हाँ मै कोरोना वायरस की तरफ ही इशारा कर रहा हूँ। उस वक्त लाॅक डाउन की वजह से सडके सुनसान और इमारतें विरान हो गई थी।

जब कोरोना की दूसरी लहर आयी थी तो जैसे चारों तरफ मौत अपना तांडव कर रही थी। ऑक्सीजन की कमी की वजह से कई लोग असमय ही मौत के काल की गाल में समा गये।

यह वह दौर था जब हर जाने अंजाने चेहरे पर मास्क लगा होता,हर छुवन सेनेटाईजर खोजती और लोग भीड भाड में जाने से बचते थे। मौत के डर से रिश्ते तार-तार हो रहे थे। अभी हाल में वही कोरोना वायरस वापस लौटा है। कुछ लोग फिर से मौत का भय महसूस कर रहे है। चीन और सिंगापुर में इसने जोर आजमाईश शुरू भी कर दी है तो भारत में सिर्फ पांच दिन में इसने जोरदार दस्तक दी है। इस वक्त भारत में 257 लोग इसकी चपेट में आ चुके है जिसमे से एक प्रसिद्ध क्रिकेट खिलाडी और एक प्रसिद्ध पूर्व सीने अभिनेत्री भी है। सरकार भी आने वाले वक्त के लिए सावधानी से तैयारी कर रही है लेकिन आप को डरने की जरूरत नही है। एक सामान्य व्यक्ति को खामखा पैनिक होने की आवश्यकता नही है।

सोशल मिडिया पर बहुत से लोग लाईक्स और कमेन्ट की लालच में कोरोना विशेषज्ञ बनने की कोशिश में रहेगे मगर किसी की बकवास पर कान धरने की जरूरत नही है। आने वाले कुछ दिनों में यहाँ लोग डरेंगे,डरायेगे परन्तु आप को इनकी बातों पर ध्यान नही देना है। कुछ लोग तर्क के नाम पर कुतर्क करेगे,आप को ऐसे लोगो से बहस नही करनी है,बस उनको नजरअंदाज करना है।

कोरोना वायरस का यह वेरिएंट उतना खतरनाक नही है। जितना यह 2020-21 में था। यह डरावना या भयावह नही है। आप को किसी प्रकार की चिंता करने की जरूरत नही है। आप ने अगर बूस्टर डोज नही लिया है। किसी का डायबिटीज काफी समय से नियंत्रित नही है। कैसर है,किसी को एड्स या पूराना दमा है तो उन को थोडा सा सावधान रहने की जरूर जरूरत है लेकिन दहशत में आने की आवश्यकता नही है। मैं फिर अपनी बात दोहरा रहा हूँ,”आप को बिना चितींत हुए बस सावधान रहना है।”हो सके तो समय रहते बूस्टर डोज लगा लें! सरकारी अनुमान के मुताबिक सिर्फ 22% लोगो ने ही अब तक बूस्टर डोज लिया है। बाहर निकलते समय मास्क का उपयोग करें,भीड भाड में जाने से बचे या भीड भाड में मास्क का उपयोग करे, हाथ धोने के लिए साथ ही सेनेटाइजर का इस्तेमाल करें। खामखा डर के मारे किसी प्रकार का काढा या पेड की पत्ती डंठल खाना पीना मत शुरू कर देना…प्लीज।यह वेरिएंट उतना खतरनाक नही है जितना जेंटा या डेल्टा वेरिएंट था। बस इतना ध्यान रहे कि बहुत बुजुर्ग और छोटे बच्चो को लेकर सावधान रहे।

यह वेरिएंट खतरनाक नही है लेकिन बुजुर्ग और बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बहुत अधिक नही होती है,इसलिए इस वर्ग को थोडा बहुत खतरा है मगर किसी की मौत होगी,मुझे या विशेषज्ञों को ऐसी आशंका कम ही नजर आ रही है। आप सोचते है कि कोरोना वैक्सीन लेने से आप पूरी तरह सुरक्षित है तो यह आप की थोडी सी गलत फहमी है। वैक्सीन लेने के बाद भी आप को करोना होगा पर यह लाइलाज नही होगा,इसका इलाज हो जायेगा। बस इतना है कि आप को किसी प्रकार के जान माल का खतरा नही रहेगा। आप अगर सोचते है कि एक दिन इस.दुनिया से कोरोना वायरस खत्म हो जायेगा तो भी आप गलत है क्योंकि यह कभी ख़त्म नही होगा। यह बार-बार,हर साल गर्मी के मौसम में हर बार लौट के आएगा लेकिन बस इतना होगा कि यह जब भी लौट कर आएगा,अपने पहले वाले वेरिएंट के मुक़ाबले कमजोर होकर आयेगा।

■ अशक्त होगा,शक्तिहीन होगा

ऐसा अनुमान है कि आने वाले आठ दस साल में इसकी औकात सर्दी-जुकाम के वायरस से भी कम हो जाएगी। तब ना कोरोना वायरस का कोई डर होगा,ना दहशत मतलब बिमारियों में तब इसकी इज्जत कौडी भर की भी नही रह जाएगी। इस बार के भी कोरोना वायरस से आप को डरना नही है बस सावधान रहना है और हाँ अफ़वाहों पर भी ध्यान नही देना है। अफवाहों से भी सुरक्षित दूरी बना कर रखनी है!

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