मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आतंकवादी एवं समाजविघातक तत्वों पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से मुंबई पुलिस ने महत्वपूर्ण प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 163 के तहत जारी यह आदेश 1 अगस्त से 29 सितंबर 2026 तक कुल 60 दिनों के लिए प्रभावी रहेगा।


आदेश के अनुसार, शहर के सभी मकान मालिक, संपत्ति मालिक, होटल, लॉज, गेस्ट हाउस संचालक तथा किराये पर आवास उपलब्ध कराने वाले सभी व्यक्तियों के लिए किरायेदारों का पुलिस सत्यापन कराना अनिवार्य होगा।
मुंबई पुलिस के पुलिस उपायुक्त (ऑपरेशन्स) एवं कार्यकारी दंडाधिकारी अकबर पठाण द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि किसी भी व्यक्ति को किराये पर रखने से पहले उसकी पूरी जानकारी मुंबई पुलिस के ऑनलाइन टेनेंट वेरिफिकेशन पोर्टल पर दर्ज करना आवश्यक होगा।
विदेशी नागरिकों के मामले में उनके राष्ट्रीयता, पासपोर्ट नंबर, वीजा संबंधी विवरण, भारत में रहने का उद्देश्य और ठहरने की अवधि जैसी जानकारी देना भी अनिवार्य किया गया है।
मुंबई पुलिस का कहना है कि कई बार अपराधी और समाजविघातक तत्व फर्जी पहचान के आधार पर या बिना किसी सत्यापन के किराये के मकानों में रह रहे होते हैं। ऐसे मामलों पर रोक लगाने और शहर की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए यह आदेश लागू किया गया है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 223 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मुंबई पुलिस ने सभी मकान मालिकों और संबंधित प्रतिष्ठानों से निर्धारित नियमों का पालन करने की अपील की है।


