मुंबई वार्ता संवाददाता

फिल्म अभिनेता और पूर्व सांसद गोविंदा की निजी जिंदगी को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार प्रसारित हो रही कथित अफवाहों और भ्रामक खबरों के बीच उनकी ओर से सार्वजनिक नोटिस जारी कर कड़ा रुख अपनाया गया है। हाल ही में सोशल मीडिया पर गोविंदा की कथित कोर्ट मैरिज को लेकर दावा किया गया था, जिसमें रानी स्वर्णकार से शादी की बात कही गई। इससे पहले गोविंदा के तलाक को लेकर भी खबरें सामने आई थीं, जिन्हें बाद में गलत बताया गया था।


सार्वजनिक नोटिस में आम लोगों, मीडिया संस्थानों, डिजिटल प्लेटफॉर्म और कंटेंट क्रिएटर्स को चेतावनी दी गई है कि गोविंदा या उनके परिवार से संबंधित किसी भी झूठी, मानहानिकारक, दुर्भावनापूर्ण, मनगढ़ंत या अपुष्ट सामग्री को तैयार, प्रकाशित, अपलोड, प्रसारित या साझा न किया जाए।


■ AI, डीपफेक और मॉर्फ्ड तस्वीरों पर भी चेतावनी
नोटिस में सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली तस्वीरों, वीडियो और ऑडियो के साथ-साथ मॉर्फ्ड इमेज, डीपफेक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से तैयार सिंथेटिक सामग्री का भी विशेष रूप से उल्लेख किया गया है। गोविंदा की ओर से कहा गया है कि उनकी आवाज, तस्वीर, पहचान, समानता तथा निजी या पारिवारिक जीवन से जुड़ी किसी भी सामग्री को AI या अन्य डिजिटल तकनीक के माध्यम से तैयार करने, उसमें हेरफेर करने या उसका इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी गई है।
■ दीवानी और आपराधिक कार्रवाई की चेतावनी
नोटिस में मानहानि, निजता के उल्लंघन, पहचान के दुरुपयोग और साइबर अपराध से जुड़े लागू कानूनों के तहत दीवानी और आपराधिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। भारतीय न्याय संहिता, 2023 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 सहित संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।
गोविंदा की ओर से ऐसे मामलों में 100 करोड़ रुपये तक के हर्जाने का दावा किए जाने की चेतावनी भी दी गई है। इसके अलावा कथित रूप से दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ बैंक खातों पर कार्रवाई, संपत्ति की खरीद-बिक्री पर रोक, पासपोर्ट जब्त करने और अन्य कानूनी कदम उठाने की मांग अदालत से करने की बात कही गई है।
YouTube और सोशल मीडिया अकाउंट्स पर भी कार्रवाई की मांग
नोटिस में ऐसे YouTube चैनलों और अन्य सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की मांग करने की बात कही गई है, जिन पर जानबूझकर भ्रामक या झूठी सामग्री प्रसारित करने का आरोप हो।
गोविंदा की ओर से अपने पुराने अनुभवों का हवाला देते हुए यह आशंका भी जताई गई है कि उनकी छवि खराब करने के उद्देश्य से सुनियोजित तरीके से अफवाहें फैलाई जा सकती हैं। नोटिस में कहा गया है कि इस तरह की गतिविधियां उन्हें मानसिक और सामाजिक नुकसान पहुंचाने का प्रयास हैं।
गोविंदा की ओर से जारी इस सार्वजनिक नोटिस का मुख्य उद्देश्य उनकी निजी जिंदगी से जुड़े मामलों में बिना पुष्टि के खबरें चलाने और तथ्यों की जांच किए बिना सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलाने पर रोक लगाना है। साथ ही मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म से किसी भी खबर को प्रकाशित या प्रसारित करने से पहले उसकी सत्यता की पुष्टि करने की अपील की गई है।


