मुंबई वार्ता संवाददाता

साकीनाका पुलिस ने हत्या के एक मामले में पिछले करीब 40 वर्षों से फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी की पहचान सुरेश चंदर अडागले के रूप में हुई है। उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता (भादवि) की धारा 302 के तहत मामला दर्ज था।


साकीनाका पुलिस थाने में दर्ज गु.र.क्र. 141/1985, धारा 302 भादवि के इस मामले में आरोपी सुरेश चंदर अडागले की उम्र वारदात के समय करीब 19 वर्ष थी। वह जमानत पर रहने के दौरान मुंबई की अदालत में सुनवाई के लिए उपस्थित नहीं हुआ था। इसके बाद अदालत ने उसके खिलाफ अजामीनपात्र वारंट (Non-Bailable Warrant) जारी किया था।
आरोपी की गिरफ्तारी के लिए साकीनाका पुलिस की फरार/वांछित आरोपी तलाश टीम लगातार प्रयास कर रही थी। आरोपी का पता नहीं चलने पर मुंबई की अदालत ने उसके खिलाफ स्टैंडिंग अजामीनपात्र वारंट (Top Priority) भी जारी किया था।


जांच के दौरान पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने तकनीकी जानकारी तथा गुप्त मुखबिरों के माध्यम से आरोपी की तलाश शुरू की। इसी दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी अपनी पहचान छिपाकर रांजणगांव, तहसील शिरूर, जिला पुणे क्षेत्र में रह रहा है।
जानकारी मिलने के बाद 20 जून 2026 को साकीनाका पुलिस थाने की फरार/वांछित आरोपी तलाश टीम ने आरोपी को पकड़ने के लिए उसके नए पते पर छापा मारा। स्टैंडिंग अजामीनपात्र वारंट में दर्ज आरोपी सुरेश चंदर अडागले, जिसकी वर्तमान उम्र करीब 59 वर्ष है, को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।पुलिस के अनुसार, आरोपी पिछले करीब 40 वर्षों से फरार था और उसके खिलाफ दर्ज हत्या के मामले में गिरफ्तारी से बच रहा था।
■ लंबे समय से फरार आरोपी को गिरफ्तार कर संबंधित अपराध में कार्रवाई करना
साकीनाका पुलिस की फरार/वांछित आरोपी तलाश टीम की उल्लेखनीय कामयाबी मानी जा रही है।
इस कार्रवाई को पुलिस आयुक्त, बृहन्मुंबई देवन भारती, पुलिस सह आयुक्त डॉ. मनोजकुमार शर्मा, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त पश्चिम प्रादेशिक विभाग डॉ. अभिनव देशमुख, पुलिस उपायुक्त पश्चिम परिमंडल-03 दत्ता नलावडे तथा सहायक पुलिस आयुक्त साकीनाका विभाग दादासाहेब चुटके के मार्गदर्शन में अंजाम दिया गया।
कार्रवाई में वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अविनाश मांदळे की प्रत्यक्ष देखरेख में पुलिस उपनिरीक्षक प्रवीण शिरसाट तथा पुलिसकर्मियों नंदकिशोर सांडव, अविनाश होलकर, भूषण देवरे, जालिंदर बागलाने और विशाल पिसाळ ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पुलिस ने आरोपी को तकनीकी सहायता और गुप्त सूचना के आधार पर गिरफ्तार किया।


